सीमा आंटी की चुत और गांड चोदी

हैलो फ्रेंड्स मैं अमर..
मेरी पिछली कहानी
सेक्स का असली मजा
में मैंने पड़ोस की एक आंटी को पटा कर चोद लिया था।

आंटी मेरे लंड से इतनी खुश थीं कि आज उन्होंने मुझे घर आने के लिए कहा था। शायद आज आंटी में मुझे सेक्स के लिए अपने घर बुलाया था और वही हुआ भी.. मैं जस्ट अभी आंटी को चोद कर आ रहा हूँ और उनकी चुत की चुदाई की कहानी सुनाने जा रहा हूँ।

क्या आप अपना लंड पकड़ कर सुनना चाहेंगे कि अभी मैंने आंटी के साथ क्या-क्या किया.. तो चलिए चुदाई की कहानी की ओर चलते हैं।

आज आपको पिछली सेक्स की बात जब मैं आपको बता रहा था.. तब आंटी जी का मेरे पास कॉल आया और मैं कहानी को पूरी करके आंटी जी के पास जल्दी ही पहुँच गया।

मैं जैसे ही उनके घर पहुँचा मैंने घंटी बजाई तो आंटी जी के पति ने गेट खोला।

मुझे देख कर उन्होंने मुझसे हाय किया और कहा- तुम अच्छे आ गए.. आज मैं बाहर जा रहा हूँ.. तुम मुझे थोड़ा बस स्टैंड तक छोड़ दो.. मुझे जरूरी में जाना पड़ रहा है.. तुम आंटी का ख्याल रखना, मैं कल सुबह तक आ जाऊंगा।

उसके बाद मैं उनको उनकी ही गाड़ी से बस स्टैंड छोड़ कर वापस उनके घर गाड़ी छोड़ने गया। घर का गेट खुला था क्योंकि आंटी जानती थीं कि मैं अंकल को छोड़ कर जल्दी ही वापस आ जाऊंगा।

मैंने घर में अन्दर आकर मेनगेट को अन्दर से बंद कर दिया ताकि कोई और घर ना आ जाए।

तभी रसोई से बर्तनों की आवाज़ आई तो मैं समझ गया कि आंटी रसोई में हैं। मैं कमरे की बजाए रसोई की तरफ चल दिया। जब मैं रसोई में गया तो देखा आंटी ने रेड कलर का फ्रॉक नुमा गाउन पहना हुआ है.. जो स्लीब लैस था और उनकी पैंटी के थोड़ी ही नीचे तक आ रहा था।

जब मैं उनके घर आया था.. तब उन्होंने साड़ी पहनी थी। अब मैं समझ गया कि उन्होंने मेरे लिए ही इस सेक्सी गाउन को पहना है।

अब वो और मैं घर पर अकेले थे और उनको इस तरह देख कर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया।

अब मैं आंटी का नाम आपको बता ही दूँ, उनका नाम सीमा है। अब मैं सीमा आंटी के पास गया और उनको पीछे से पकड़ लिया, जिससे मेरे दोनों हाथ आंटी के दूध पर और मेरा लंड उनकी गांड से टच हो गया।

उफफ्फ़ क्या कमाल का फिगर था.. जब भी आंटी से चिपकता हूँ.. एक अलग ही मज़ा आ जाता है।

आंटी ने कहा- यहीं सब करोगे क्या.. चलो कमरे में चलते हैं।
मैंने रूम में जाते हुए आंटी से कहा- सीमा जान, आज तुम्हारी गांड मारनी है।

वो मुझे देखती रह गईं और थोड़ी देर रुक कर बोलीं- ठीक है आज काफी टाइम है.. तुम जैसा चाहो वैसा कर लो।

फिर हम दोनों कमरे में आ गए और एक-दूसरे के कपड़े उतार दिए। अब हम दोनों नंगे थे और बिस्तर में 69 के पोज में आकर चुत और लंड को चूसना चालू कर दिया। इस चुत चुसाई में जो मज़ा था.. वो दुनिया की किसी चुसाई में नहीं है।

मैंने सीमा आंटी के चुत चूस कर उसका पानी निकाल कर पी लिया और सीमा आंटी ने मेरे लंड को चूस कर उसका रस पी लिया।

आंटी ने मेरे लंड को झड़ने के बाद भी नहीं छोड़ा। आंटी ने मेरे लंड को जोर-जोर से चूस कर फिर से खड़ा कर दिया।

अब मेरा लंड आंटी की गांड मारने के लिए एकदम से बेकरार था।

मैंने तुरंत सीमा आंटी को घोड़ी बनाया और अपने लंड में और उनकी गांड में क्रीम लगा कर सुपाड़ा उनकी गांड के छेद पर लगा दिया।

इसके बाद मैंने आंटी के दूध पकड़े और एक जोरदार धक्का दे दिया, जिससे आंटी की चीख निकल गई और मेरा पूरा लंड एक ही बार में आंटी की गांड में फिट हो गया।

इसके बाद मैंने दो मिनट रुक कर, धीरे-धीरे आंटी की गांड को चोदना शुरू कर दिया और आंटी के चूचे भी मसलने लगा।

‘अहह.. ओह.. उहफ्फ़.. अमर और तेज चोदो.. अहह अमर.. वाउ क्या मस्त चुदाई करते हो.. उफ्फ़.. तुम मुझे पहले क्यों नहीं मिले.. अहह अमर और चोद और जोर से.. अहह उफ्फ..’

आंटी की मादक आवाजें निकल रही थीं। उनकी बातों को सुनकर मैं और जोश में आ गया और जोर-जोर से चुदाई करने लगा।

सीमा- यार तू मुझे आंटी नहीं सीमा डार्लिंग बोला करो.. आह.. मेरी जान अहह.. उफ्फ़.. क्या मस्त लंड है तेरा.. आज तक मेरी ऐसी चुदाई किसी ने नहीं की उफ्फ़.. अहह..

लगातार कई मिनट की चुदाई में वो 4 बार झड़ चुकी थीं।

इसके बाद मैं भी झड़ गया और अपना पूरा माल सीमा आंटी की गांड में ही डाल दिया। थक कर चूर हो जाने की वजह से हम दोनों नंगे ही सो गए।

थोड़ी देर बाद जब मेरी आँख खुली तो मैंने देखा सीमा आंटी मेरा लंड चूस रही थीं.. जिस वजह से मेरा लंड फिर से तन गया था।

मैंने बिना देर किए उन्हें चित्त लेटाया और उनकी टांगों को फैला कर उनकी मखमली चुत की रसीली फांकों में अपना लंड रगड़ने लगा। थोड़ी ही देर मैंने अपना लंड में आंटी की चुत में घुसा दिया। सीमा आंटी ‘अहह..’ से सिसकारी लेने लगीं और इसी के साथ मैंने उनकी चुत की भी चुदाई शुरू कर दी।

‘अहह.. ओह.. वॉव.. अहह.. अमर मेरी चुत का भोसड़ा बना दो.. अहह.. आज से मैं तुम्हारी रंडी हूँ।’

आंटी की बातें सुन कर मुझे बहुत मज़ा आने लगा। सीमा आंटी भी गांड उछाल-उछाल कर चुत चुदवा रही थीं।

इधर मैं उनको किस करते हुए आंटी के मम्मों को जोर-जोर से मसल रहा था।

आज ऐसा लग रहा था कि मैं दुनिया का सबसे खुशकिस्मत मर्द हूँ.. जो अपने मन से मस्त आंटी को चोदता हूँ।

अहह.. सच में बहुत मज़ा आ रहा था।

सीमा आंटी एकदम से बहुत ही गरम हो चुकी थीं.. वो मेरे लंड को मानो खा लेना चाहती थीं।

थोड़ी ही देर में हम दोनों एक साथ डिसचार्ज हो गए। मैंने अपना पूरा वीर्य सीमा आंटी की चुत में डाल दिया।

आज हम दोनों ने 3 बार चुदाई की और फिर मैंने सीमा आंटी को चूमा और सीमा आंटी ने भी मुझे बहुत किस और प्यार किया।

उनके साथ नाश्ते के बाद मैं अभी घर आया हूँ और आज की गांड फ़ड़वाई और चुत चुदाई की कहानी आपको सुना रहा हूँ।

फ्रेंड आपको कैसी लगी मेरी चुदाई की कहानी.. यदि पसन्द आई तो मुझे मेल करें।
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