सेक्स के लिए बोलने की हिम्मत नहीं हो रही थी फिर भी चोद दिया

मेरी पहली गर्लफ्रेंड मेरे पास आई थी. मैं उसे चोदना चाहता था. मैं पूरी तैयारी के साथ उससे मिला. इसके बावजूद सेक्स के लिए कहने की मेरी हिम्मत न हुई. हालांकि, हमने सेक्स किया लेकिन कैसे ये कहानी में पढ़िए…

हेलो दोस्तों, मेरा नाम नवीन है और मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूं. जो मैं लिख रहा हूं वो पूरी तरह से सच्ची और यहां पर मेरी पहली कहानी है. उम्मीद है पसंद आएगी.

कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं आप सब को अपने बारे में बता देता हूं. मैं 24 साल का एक नौजवान युवक हूं और दिल्ली में रह कर एक निजी कम्पनी में जॉब करता हूं. मेरी कई गर्लफ्रेंड रह चुकी हैं लेकिन में भाभियों और आंटियों को बहुत ज्यादा पसंद करता हूं. ये जो कहानी मैं आप सब के लिए लिख रहा हूं, वो मेरी पहली सेक्स घटना है.

अब ज्यादा समय न गंवाते हुए मैं घटना पर आता हूं. एक मैंने अपनी गर्लफ्रेंड पारुल को अपने रूम पर बुलाया. दोस्तों, पारुल का फिगर 34 28 32 का है. वह बहुत खूबसूरत है या ये कह लीजिए कि कयामत है.

पारुल निर्धारित समय से थोड़ा लेट आई, इस दौरान मैं जाकर कंडोम खरीद लाया. उस दिन उसने सलवार – सूट पहन रखा था. उसके रूम आने के बाद मैंने फ़टाफ़ट दरवाजा बन्द कर लिया. दोस्तों, सेक्स के इरादे से मैं पहली बार किसी लड़की से मिल रहा था, इसलिए मेरी फट रही थी. मेरी ही क्या सबकी फटती है.

दरवाजा बन्द करने के बाद मैंने उससे पानी के लिए पूछा तो उसने मना कर दिया. फिर हम बेड पर बैठ के इधर – उधर की बातें करने लगे. दोपहर के 2 बजे से बात करते – करते शाम के 5 बज गए. इसके बावजूद उससे सेक्स के लिए बोलने की मेरी हिम्मत न हुई.

बात करने के दौरान मैं वे मेरे थोड़ा करीब आई और फिर उसने अपना सर मेरे कंधे पर रख दिया. इससे मेरी हिम्मत बढ़ गई. फिर मैंने दोनों हाथों से उसके चेहरे को पकड़ा और होंठों पर किस कर दिया. जवाब में उसने भी मेरे होंठों पर किस किया. हम 5 मिनट तक लगातार किस ही करते रहे.

किस करने के दौरान मेरा एक उसके चूचों पर अपने आप चला गया. अब मैंने धीरे – धीरे उसके चूचे दबाने लगा. मेरे ऐसा करने से वो थोड़ा शरमाई जरूर लेकिन उसने कोई विरोध नहीं किया. इस वजह से मेरी हिम्मत थोड़ी और बढ़ गई.

फिर मैंने उससे उसके कपड़े उतारने को पूछा तो वो राज़ी हो गई. इसके बाद पहले मैंने उसकी कमीज खोल दी. फिर जैसे ही ब्रा उतारने के लिए हाथ बढ़ाया वो मना करने लगी. उसके मना करने के बावजूद मैं नहीं माना और ब्रा का हुक खोल दिया.

अब वो मेरे सामने ऊपर से बिल्कुल नंगी थी. दोस्तों, मैं पहली बार इस तरह किसी लड़की को देख रहा था. उसे देख मुझसे रहा नहीं गया और मैंने तुरन्त अपना मुंह उसके चूचों पर लगाकर चूसने लगा. अब वो भी मेरा साथ देने लगी और अपनी उंगलियों को मेरे सर पर फिराने लगी.

कुछ देर तक चूची चूसने के बाद भी मुझसे कंट्रोल नहीं किया जा रहा था. मेरा 6.5 इंच का लन्ड मेरी जीन्स में फनफना रहा था. ऐसा लग रहा था जैसे अभी जीन्स फाड़ के बाहर आ जाएगा.

फिर मैंने देर न करते हुए उसके सलवार की तरफ हाथ बढ़ाया और नाड़ा खोल कर उसकी सलवार को उतार दिया. अब उसकी लाल कलर की पैंटी मेरे सामने थी. फिर जैसे ही मैंने उसकी पैंटी को खींचना शुरू किया वो एक बार फिर मना करने लगी. उसने कहा कि उसे डर लग रहा है.

इस पर मैंने उसे सांत्वना दी और कहा कि मेरे पास कंडोम है तुम चिंता मत करो, कुछ नहीं होगा. यह सुन कर वो मान गई. फिर मैंने उसकी पैंटी उतार दी. अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी लेटी हुई थी और शर्मा रही थी.

फिर उसने मुझसे कहा कि तुम भी तो अपने कपड़े उतारो. यह सुन कर मैंने उससे कहा कि तुम्हीं उतार दो न बेबी. फिर धीरे – धीरे करके उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए. अब मैं भी उसके सामने एक दम नंगा खड़ा था. मेरे खड़े लन्ड को देख कर वो चौंक गई और बोली कि तुम्हारा ये तो बहुत बड़ा है, मेरे उसमें जाएगा कैसे!

इस पर मैंने कहा – मेरी भोली जानेमन, आज तक कोई भी ऐसी चूत नहीं बनी जिसमें लम्बा से लम्बा और मोटा से मोटा लन्ड न जा सके. डरो मत. पहले थोड़ा दर्द होगा लेकिन फिर बाद में बहुत मज़ा आएगा. इतना कि तुम सारे दर्द को भूल जाओगी.

मेरे कहने पर वह मान गई. फिर मैं धीरे से नीचे गया और उसके चूचों से लेकर नाभि तक चूमने लगा. इसके बाद फिर मैंने उसकी टांगें चौड़ी की और अपना मुंह उसकी चूत पर लगा दिया. मेरे ऐसा करने में उसे बहुत मज़ा आया और वो बिन पानी की मछली जैसी तड़प उठी.

उसे चूत चटवाने में बड़ा मज़ा आ रहा था. वो अपनी गांड उठा – उठाकर और मेरा मुंह अपनी चूत में दबा – दबाकर मज़े ले रही थी. इसी बीच मैंने अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी. उसे थोड़ा दर्द हुआ और वह चिल्लाई – उई मां क्या कर रहे हो, दर्द होता है ऐसे.

मैं नहीं माना और फिर मैंने दो उंगलियां उसकी चूत में डाल दी. इस पर वह उचक के बैठ गई और बोली – मुझे कुछ नहीं करना, जाओ तुम, बहुत गंदे हो. तब मैंने उसे फिर समझाया और उसे वापस उसी पोजीशन में लिटा दिया. फिर मैं उसकी चूत के दाने को अपनी जीभ से चाटने लगा.

बहुत मज़ा आ रहा था. उसकी चूत से इतनी मस्त खुशबू आ रही थी कि मेरा तो मन कर रहा था कि खा जाऊं. मैं चूत चाटने में ही खोया था कि इसी दौरान उसने मेरे मुंह में अपना पानी छोड़ दिया. मैं सारा का सारा पी गया. दोस्तों, उसका पानी गजब का टेस्टी था.

उसका पानी पीने के बाद मैं उठा और देर न करते हुए अपने लन्ड पर कंडोम लगाया. फिर उसे उसकी चूत पर सेट किया और एक जोर का धक्का मारा. इससे वो चिल्लाई – आह क्या कर दिया तुमने… मार डाला निकालो इसे… उई मां मर गई, कमीने ने मार डाला.

उसकी चीख के बावजूद मैंने लन्ड बाहर नहीं निकाला. फिर मैं थोड़ा रुक गया. तभी मेरी नज़र बाहर बह रहे खून पर पड़ी. उसे देख मैं समझ गया कि कोरी चूत मिली है. फिर 2 मिनट रुक कर मैं उसे किस करता रहा और साथ में। उसकी चूचियों को भी चूसता रहा. इससे वो फिर गर्म हो गई और अब तक उसका दर्द भी खत्म हो गया था.

यह देख मैंने अपना लन्ड थोड़ा और अंदर किया. अब मेरा आधा लन्ड उसकी चूत में चला गया. तब उसने मुझसे पूछा कि जानू पूरा चला गया क्या? तब मैंने उसे बताया कि नहीं बेबी अभी तो आधा ही गया है. यह सुन कर वह आश्चर्यचकित होकर बोली – बाप रे, फिर पूरे में क्या हाल होगा मेरा!

तब मैंने फिर उसका हौसला अफ़ज़ाई करते हुए कहा – चिंता मत करो जानू, पूरा जाने में दोगुना मज़ा आएगा. इतना कह के मैंने फिर से एक झटका दिया. इस झटके से मेरा पूरा लन्ड उसकी चूत को फाड़ते हुए अंदर घुस गया.

अब हम दोनों चुदाई का भरपूर आनंद ले रहे थे. वो भी एक दम मस्त हो चुकी थी. वह बोल रही थी – आह जानू मज़ा आ गया, इसमें इतना मज़ा आता है मुझे पता ही नहीं था. और जोर से करो जानू और जोर से. फिर मैं और तेजी से धक्के मारने लगा. थोड़ी देर बाद वह सिसकी और बोली – आह जान ऐसे ही रुकना नहीं, हां रुकना नहीं, मैं होने वाली हूं.

इस तरह मैंने अपनी स्पीड बनाये रखी और पूरी रफ्तार से उसे चोदने लगा. कुछ देर बाद वो झड़ गई. लेकिन मेरा अभी नहीं हुआ था. इसलिए मैं स्पीड बढ़ाये जा रहा था. करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद मेरा पानी भी गिर गया. चूंकि मैंने कंडोम पहना था इसलिए मेरा रस उसके अंदर नहीं गया. मेरे साथ ही वह भी एक बार फिर झड़ गई.

इसके बाद मैं उसके ऊपर लेट गया और हमने एक – दूसरे को खूब चूमा – चाटा. तभी उसने मेरे कान में कहा – बेबी, आई लव यू. जवाब में मैं भी उसके होंठों को चूमते हुए ‘आई लव यू मेरी जान’ कहा.

अब तक शाम के 7.30 बज चुके थे. फिर मैंने टॉवल से उसकी चूत और अपने लन्ड को साफ किया. इसके बाद हमने कपड़े पहने और मैं उसे उसके घर तक छोड़ने के लिए चल दिया. वो अपनी पहली चुदाई के कारण ढंग से चल भी नहीं पा रही थी.

दोस्तों, ये थी मेरी पहली चुदाई की पहली कहानी. दोस्तों, बाद में मैंने अपनी दूर की एक चाची को भी चोदा. लेकिन वो कहानी आप लोगों से इस कहानी का रिव्यु मिलने के बाद. मेरी कहानी कैसी लगी, मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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