शादी के बाद भी न भूल पाई उस धोखेबाज के साथ हुई चुदाई

यह कहानी उन दिनों की है जब मैंने शुरू – शुरू जवानी की दहलीज पर कदम रखा था. अपनी फ्रेंड्स की देखा – देखी मैं भी बॉयफ्रेंड बनाना और उससे प्यार करना चाहती थी. बनाया भी लेकिन उसे तो सिर्फ मेरे बदन से प्रेम था. यह जानते हुए भी मैं उससे तब तक अलग नहीं हो पाई जब तक उसने मुझे मक्की की तरह निकाल नहीं फेंका. इतना सब होने के बावजूद आज भी मुझे उसके साथ बिताए हुए हर लम्हे याद हैं…

अन्तर्वासना के आप सभी पाठकों को मेरी गीली चूत का सलाम पहुंचे. दोस्तों, मेरा निधि है और मैं लखनऊ की रहने वाली हूं. दोस्तों, मैं कॉलेज के पहले साल से ही थोड़ा – थोड़ा हवा में उड़ने लगी थी. उस वक्त मेरी उम्र 19 साल थी. अब मैं 25 साल की हो चुकी हूं.

दोस्तों, मैं दिखती काफी सेक्सी हूं. 19 साल की उम्र में ही मेरे बूब्स का साइज़ 32, कमर 28 और गांड 34 की थी. मैं जब भी चलती थी तो मेरी प्यारी गांड बहुत मटकती थी. उसे देख – देख कर सारे लड़के मुझ पर मरते थे, मगर मैं किसी को भाव नहीं देती थी.

मेरी सारी फ्रेंड के बॉयफ्रेंड थे लेकिन मेरे नहीं थे. उस टाइम मेरी कुछ फ्रेंड फेसबुक का खूब यूज़ करती थीं लेकिन मेरा तो कोई फेसबुक एकाउंट भी नहीं था. फिर एक बार मैंने अपनी एक दोस्त से मेरा भी एकाउंट बनाने को कहा. उसे भी नहीं पता था कि फेसबुक एकाउंट कैसे बनाया जाता है इसलिए उसने अपने बॉयफ्रेंड से बोल कर मेरा एक फेसबुक एकाउंट बनवाया औऱ मुझे चलने के लिए उसका यूजर आईडी और पासवर्ड दे दिया.

मेरा एकाउंट नया – नया बना था इसलिए मैं भी फेसबुक के जाल में फंस गई. मैं रात – दिन हर समय ऑनलाइन रहती थी. ऐसे में फेसबुक पर मेरे कई दोस्त बन गए और उनसे मेरी बहुत सारी बातें होने लगीं. उनमें से कुछ लड़के भी थे.

कुछ लड़के मुझे लाइन मारते थे. मैं यह समझती थी लेकिन मुझे उनसे मस्ती करने में मजा आने लगा था, इसलिए मैं कुछ नहीं बोलती थी. उनमें से एक लड़का बहुत ही कमीना था लेकिन साथ ही स्मार्ट भी बहुत था. उसका नाम आदित्य था और वह लख़नऊ का रहने वाला था.

रात को मुझसे बात करते समय वह मेरे से पूछता कि क्या कर रही हो? मेरे जवाब देने पर वह बातों को सेक्स चैट की तरफ ले जाता और मुझे गर्म करता. जब वह मुझसे मेरे जिस्म के बारे में पूछता तो मैं शरमाते हुए बताती. फिर वो मेरी ब्रा – पैंटी के बारे में पूछता, उनका कलर पूछता और मेरे बताने पर बोलता कि इन कपड़ों में तो तुम बहुत ही सेक्सी लग रही होंगी!

उसकी बातें सुन कर और उससे कर के मुझे बहुत मजा आता था और वो भी मुझसे खूब मजे लेता था. मैं उससे इम्प्रेस थी. ये सब मेरे साथ पहली बार हो रहा था इसलिए शायद मैं उससे प्यार भी करने लगी थी. लेकिन उसे मेरे प्यार से कोई मतलब नहीं था, उसे तो मेरा 32 28 34 वाला जिस्म ही चाहिए था.

धीरे – धीरे वह कपड़ों के ऊपर उठ कर मेरे बदन के बारे में बात करने लगा. वह मुझसे मेरे बूब्स और चूत के बारे में पूछता. बोलता – बूब्स का साइज क्या है, चूत पनियाई या नहीं? और मैं न चाहते हुए भी उसे सब बताने लगी थी.

अब रात को उससे बात किए बिना मुझे नींद नहीं आती थी, मेरा मन नहीं लगता था. आप ये कह सकते हैं कि मुझे उससे सेक्स चैट की आदत लग गई थी और वो भी यह समझ चुका था. तभी तो वह मेरा फायदा उठता था. वह मेरे से रंडियों की तरह तू – तड़ाक से बोलता.

एक बार उसने मुझे मिलने को बोला तो मैं उसकी बताई जगह पर पहुंच गई. फिर उसने मुझे एक सुनसान जगह पर ले जाकर खूब जम कर चोदा. जैसा कि मैंने बताया ये मेरे साथ पहली बार हो रहा था तो मुझे भी मज़ा आ रहा था और मैं मज़े में डूब रही थी.

वो जगह एक खंडहर थी. वहां ले जाने के बाद उसने मुझे जमीन पर लिटाया और एक – एक करके मेरे सारे कपड़े उतार दिए. अब मैं उसके सामने नंगी पड़ी थी. वह काफी देर तक मुझे देखता रहा फिर अचानक मेरे बूब्स पर टूट पड़ा. वह मेरे एक बूब्स को दबा रहा था और एक को अपने होंठों में लेकर चूस रहा था. ऐसा लग रहा था जैसे वह मेरा पूरा रस ही निकाल लेना चाहता हो.

थोड़ी देर बाद वह खुद नंगा हो गया और अपना लन्ड सीधा मेरी नाज़ुक से चूत पर सटा के मेरे ऊपर लेट गया और एक ही धक्का में उसे पूरा का पूरा अंदर कर दिया. दर्द की वजह से मेरे मुंह से आवाज ही न निकली. वह पूरा वहशी होकर मुझे चोद रहा था. मेरी सील टूट चुकी थी और चूत से खून भी आने लगा था लेकिन मैं उसके प्यारइन पागल एक बार भी उसे मना न के सकी.

करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद वह मेरी चूत में झड़ गया और कुछ देर मेरे ऊपर ही लेटा रहा. फिर वह उठा और मेरे कपड़ों में लगी धूल साफ की और मुझे पहना दिया. मेरी चूत का भुर्ता बन चुका था और मुझसे चला भी नहीं जा रहा था, फिर उसने मुझे दर्द की एक दवा दी, जिसे वह अपने साथ ही लाया था. दवा खाने के कुछ देर बाद मुझे आराम हुआ और फिर मैं अपने घर चली आई.

उस दिन घर वापस आने की बाद उसके व्यवहार में और बदलाव आ गया. अब तो वह मुझे रंडी कहने लगा और मां – बहन की गालियां भी देने लगा. लेकिन फिर भी मैं उससे चिपकी रही.

एक बार फिर उसने मुझे बुलाया. इस बार उसने होटल का इंतज़ाम कर रखा था. वहां उसने मुझे 3 बार जम कर चोदा. चुदाई के दौरान और उसके बाद भी वह बात – बात पर मुझे गालियां देता रहा. उसकी गालियां ऐसी नहीं थीं जैसे चुदाई के दौरान अक्सर उत्तेजनावश देते हैं, उसकी गालियों में तिरस्कार था. लेकिन फिर भी न जाने क्यों मैं पूरी रात उससे लिपटी रही.

मैं उसके सीने पर अपने बूब्स टच करती तो वो गाली देता और बोलता – साली, रंडी भाग मेरे पास से. यह सुन कर मैं उसे बाहो में भर के एक लंबी किस करती. किस करने पर वो मुझे पकड़ के बेड पर पटक देता और फिर मेरे ऊपर आ के लेट जाता.

फिर मुझे गले पर किस करता. मैं उसे सब कुछ करने देती.
फिर वो मेरे कंधे पर काटने लगता था, मेरी टी-शर्ट उतार देता. मैं भी एक्साइटमेंट में उतरवा लेती. फिर वह ब्रा के ऊपर से मेरे बूब्स पर किस करता और चूसता – चाटता तो मैं मजे में मदहोश हो जाती.

फिर वो मेरी सलवार और पैंटी उतार देता. मैं नंगी हो जाती. और इसके बाद वो मुझे तड़पने के लिये बेड पर छोड़ के सोफे पर चला जाता . तब मैं हवस से भरी हुई उसके पास भाग कर जाती मगर वो कमीना खुद अपने सारे कपड़े पहने हुआ होता था. फिर मैं उत्तेजना के वशीभूत होकर उसके कपड़े खोलने की कोशिश करती. उसके कपड़े बहुत टाइट थे. मैं उन्हें मुश्किल से खोल पाती. इस दौरान वो मेरे जिस्म का पूरा मजा लेता था और मैं जाने – अनजाने दे देती थीं.

जब वो न्यूड हो जाता तो उसकी बॉडी और 8 इंच लम्बा मोटा लन्ड देख कर मैं मदहोश हो जाती. फिर बिना टाइम गंवाए उसे चूम लेती और मुंह में चूसने लगती. उस समय मैं अपने होश खो देती थी. इस दौरान वो मेरे से मेरी बहन के बारे में भी सेक्सी और अश्लील बातें करता था और मैं उसके प्यार में पागल हुई मदहोशी में सब बता देती थी.

जब मैं उसका लन्ड छोड़ती तो वह मुझे बिस्तर पर लिटा देता और मेरे पूरे बदन पर अपना लन्ड फेरता था और मैं अपने बूब्स उसके जिस्म पर लगा कर मजा लेती थी. मैं उससे चिपकी रहती और फिर वो मुझे खुद से अलग कर मेरे बूब्स चूसता और चाटता था. फिर आखिर में अपना मोटा लन्ड मेरी रस भरी तड़पती चूत में डाल देता था.

लन्ड अंदर जाते ही मैं तड़प उठती. उसका लन्ड अपने अंदर पाकर मैं इतनी उत्तेजित हो जाती कि गांड उठा – उठा के उससे अपनी प्यासी चूत चुदवाती और मुझे ऐसा करते देख वह मुझे रंडी, साली और छिनाल जैसी पुरानी गाली देता और मुझे इन्हें सुन कर मजा आता था.

चोदते टाइम जब वह मेरे बूब्स मुंह में लेकर चूसता तो मुझे जन्नत सी खुशी मिलती. मैं पूरी रात पागलों की तरह उससे चुदती थी. मेरा मन नहीं होता था कि वो मेरे को छोड़ के कभी कहीं जाए. मैं उसके लन्ड की दिवानी जो हो गई थी.

हर चुदाई के बाद मैं उसके जिस्म को चाट – चाट के साफ करती. इस दौरान उसके अंदर से आने वाली खुशबू मेरे को मदमस्त कर देती थी. जब मैं उसे चाटती तो वो मेरी गांड पर चांटे मरता और मार – मार कर उसे लाल कर देता था. इस तरह हमने उस रात 3 बार चुदाई की और उसके बाद फिर मैं वहां से अपने घर चली आई. मैं उसे छोड़ना नहीं चाहती थी लेकिन जब उसने मेरे शरीर को अच्छे से भोग लिया तो धीरे – धीरे मुझसे किनारा करने लगा.

अब मेरी भी शादी हो गई है और पति के साथ खूब मज़े करती हूं. लेकिन न चाहते हुए भी उसे अपने दिलोदिमाग से निकाल नहीं पा रही हूं. आपको मेरी कहानी कैसी लगी? मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी –
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