शादी कर गर्लफ्रेंड को चोदा

मेरे दोस्त ने एक लड़की से मिलाया. उस लड़की से चुदाई के लिए मुझे शादी करनी पड़ी. पढ़े मेरी इस कहानी को और जानें उसे चोदने के लिए मुझे क्या – क्या करना पड़ा…

दोस्तों, मेरा नाम अनिकेत है और मैं नागपुर का रहने वाला हूँ. आज मैं आप सब को मेरी और मेरी गर्लफ्रेंड डॉली (बदला हुआ नाम) की सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ. उम्मीद है आप लोगों को पसन्द आएगी.

डॉली से मेरी मुलाकात मेरे एक दोस्त किशोर और उसकी गर्लफ्रेंड कविता की वजह से हुई थी. किशोर और कविता अक्सर मेरे साथ ही रहते और बात करते थे लेकिन जब उन्हें मौका मिलता वो अलग होकर चुदाई करने के लिए चले जाते थे. इस समय मैं अकेला ही रह जाता था और सोचता कि काश मेरी भी कोई गर्लफ्रेंड होती तो आज मैं भी ऐसे अकेले नहीं रहता और मुझे भी चोदने का मौका मिलता.

मेरी इस तड़प को कविता और किशोर दोनों समझते थे. वे भी चाहते थे कि मेरी भी कोई गर्लफ्रेंड हो. उन्होंने कई बार मुझसे कहा लेकिन मैं शर्मीले किस्म का था इसलिए मैं ट्राई नहीं कर पाता था. इसलिए किशोर ने कविता से ही मेरे लिए किसी लड़की को राज़ी करने को कहा.

फिर एक दिन किशोर और कविता के बोलने पर एक लड़की से मिलने एक मंदिर पर चला गया. कविता ने ही उसे राजी किया था. उसका नाम डॉली था. जब मैंने पहली बार डॉली को देखा तो उसे देखते ही मैं पागल सा हो गया.

वो दिखने में थोड़ी सांवली सी थी और उसकी हाइट 5 फुट 4 इंच के करीब थी. उसका फिगर बहुत ही कातिल था. उसे देखते ही मेरा लन्ड खड़ा हो गया. पहले हमने वहीं पर थोड़ी – बहुत बात की. बात करने के बाद हम वहीं पास के एक पार्क में जाकर बैठ गए और काफी देर तक इधर उधर की बात की. फिर मैंने उसे प्रपोज कर दिया और उसने एक्सेप्ट कर लिया.

अब हम दोनों भी अक्सर बाहर घूमने लगे. उसे देखते ही मेरा मन चोदने का करने लगता. एक दिन मैंने हिम्मत की और उससे बोला कि अगर तू मुझसे सच में प्यार करती है तो मुझे एक बार चोदने दे. लेकिन उसने मना कर दिया.

तब मैंने उससे कहा कि आज के बाद मुझसे बात मत करना. इस पर वो बोली कि अगर आप को मेरे साथ सेक्स करना है तो पहले मेरे साथ शादी करो. तब मैंने उसे चोदने के लिए हां बोल दी.

फिर अगले दिन हम मिले. तब वह मुझे अपने घर ले गई. उसके घर में उस समय कोई नहीं था. उसकी मम्मी स्कूल चली गई थीं और पापा कहीं बाहर गए हुए थे. फिर हम दोनों ने उसके घर में बने मंदिर में शादी कर ली.

इसके बाद मैंने उसे बोला कि अब तू अपने कपड़े निकाल दे तो उसने अपने सारे कपड़े निकाल दिए. इसके बाद फिर मैं भी नंगा हो गया. फिर हम बेड पर जाकर लेट गए.

इसके बाद मैंने उसे मेरा लन्ड चूसने को कहा लेकिन उसने साफ मना कर दिया. तब मैंने उसे हमारे प्यार का वास्ता देकर कहा – तुझे अभी भी भरोसा नहीं होता तो बोल दे. इतना कह कर मैं वहां से जाने के लिए उठ खड़ा हुआ.

इस पर उसने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे बिठाया और कहा कि आप जो बोल रहे हो मैं वही करूंगी. इसके बाद उसने मुझे किस किया और मेरी चड्ढी निकाल के मेरे खड़े लन्ड को धीरे – धीरे चूसने लगी. तब मैंने उससे कहा कि लन्ड को पूरा अंदर लो. दोस्तों, वो शर्मा रही थी. फिर मैंने उसके सर को दबाया और पूरा लन्ड उसके मुंह में डाल दिया.

अब वो चप्प – चप्प करके पूरे लन्ड अंदर तक लेने लगी. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. उसे भी अब मज़ा आने लगा था. वो पूरी मस्ती में लन्ड चुसाई कर रही थी. फिर मैंने उससे कहा कि अब मुझे तुम्हारी चूत चाटना है तो वो मना करने लगी. फिर मैंने उसे फ़ोर्स किया और वो मान गई.

अब मैंने अपना मुंह उसकी चूत की तरफ किया और अपना उसके मुंह पर ही रखा. फिर मैं उसकी चूत और मेरा लन्ड चूसने लगी. चूत चुसाई में उसे बहुत मज़ा आ रहा था. मेरी जीभ लगते ही उसकी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया था. मैं मज़े से उसका खारा – नमकीन पानी चाट रहा था. हम दोनों करीब 15 मिनट तक ऐसे ही करते रहे. इसी बीच मैं उसकी मुंह में ही झड़ गया. मेरा सारा पानी वो पी गई.

फिर उसने कहा कि अब अपना लन्ड मेरी चूत में डालो मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा है. फिर मैं सीधा हो गया. अब मैंने अपना लन्ड उसकी चूत के छेद पर रखा और एक धक्का दिया. लेकिन मेरा लन्ड अंदर नहीं गया और उसे बहुत दर्द हुआ. तब मैंने उसे तेल लाने को कहा.

जब वो तेल लेकर आई तो मैंने अपने पूरे लन्ड को तेल में भिगो लिया और उसकी चूत पर भी तेल लगाया. इसके बाद मैंने अपने लन्ड को फिर से सेट किया और जोर का झटका दिया. इस बार मेरा पूरा लन्ड उसकी चूत के अंदर चला गया.

उसे काफी तेज दर्द हुआ और दर्द की वजह से वो चिल्लाने लगी. इस पर मैंने उसके मुंह को अपने मुंह से दबा दिया. इसके बाद मैं ज़ोर – ज़ोर से झटके मारने लगा. उसकी चूत से हल्का खून भी निकल रहा था क्योंकि उसकी सील टूट चुकी थी. तेल खूब लगा था इसलिए लन्ड बड़ी ही आसानी से उसकी चूत के अंदर सरक रहा था.

थोड़ी देर बाद उसे मज़ा आने लगा और वो उचकने लगी. उसके उछल – उछल कर लन्ड लेने को कोशिश को देकह कर मैं और उत्तेजित हो गया. अब मैं और तेजी से धक्के मारने लगा. मैं अपने पूरे फॉर्म में था. मुझे ऐसा लन्ड रहा था जैसे मैं स्वर्ग में पहुंच गया हूँ.

अब वो मदहोश सी हो चुकी थी और मादक आवाजें निकालने लगी थी. उसके मुंह से ‘आह आह उह उह चोदो मुझे, फाड़ दो मेरी चूत आह आज मेरी चूत की प्यास बुझा दो, बहुत मज़ा आ रहा…. है आह’ जैसी आवाजें लगातार निकल रही थीं. मैं लगातार धक्के लगा रहा था.

करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया. उसके पानी के बहाव में मेरा लन्ड भी बह गया और पानी छोड़ दिया. दोस्तों, मैं उसकी चूत में ही झड़ गया था. फिर मैं उसके ऊपर ही लेट गया. फिर मैं अपने घर चला गया. उस दिन के बाद जब भी मुझे मौका मिलता है हम चुदाई जरूर करते हैं.

आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी? मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *