शादी में मिली लड़की ने घर बुलाकर सील तुड़वाई

एक बार मैं अपने एक दोस्त की शादी में गया था. वहां मुझे एक बहुत ही सेक्सी लड़की मिली. जिससे मैंने दोस्ती कर ली. फिर एक दिन उस लड़की ने मुझे अपने घर बुलाया. घर पर कोई नहीं था तो मैंने इस मौके का फायदा उठाया और उसकी अनचुदी चूत को जम कर चोदा…

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम मनोज है और मैं राजस्थान का रहने वाला हूं. मेरी उम्र 22 साल है और मेरे लन्ड की लम्बाई 9 इंच है. इसकी मदद से मैं किसी भी लड़की और आंटी को खुश कर सकता हूं.

दोस्तों, मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूं और ये जो कहानी मैं आप लोगों को बताने जा रहा हूं वो 2 महीने पहले की घटना है. तब मैं अपने दोस्त की शादी में गया था. वहां पर बहुत सी लड़कियां आई थीं.

उसमें से एक लड़की बहुत ही सेक्सी ड्रेस में थी. उसकी उम्र 20-21 साल के करीब थी. वो बहुत ही सेक्सी थी. उसे देख के मेरा लन्ड खड़ा हो गया था. फिर मिलने – जुलने के दौरान मैंने उससे फ्रेंडशिप करने को कहा तो उसने हां कर दिया. सच बताऊं तो वो मुझे पसंद आ गई थी इसलिए मैं कुछ ज्यादा ही उसके करीब जा रहा था. जिसका मुझे फायदा मिला.

इसके बाद हम जब तक शादी में रहे साथ ही रहे. वहां से निकलते समय मैंने उसे अपना मोबाइल नम्बर दे दिया और उससे उसका ले लिया और फिर घर लौट आए.

इसके बाद हर रोज़ हम घंटों फ़ोन पर बात करने लगे. हम हर तरह की बात कर लेते थे. बात करते – करते हम इतने ओपन हो गए कि हमारी बातों का रुख फ़ोन सेक्स की तरफ मुड़ गया और फ़ोन सेक्स करने लगे.

एक दिन उसने मुझे अपने घर बुलाया. उसका घर पास में ही था. फिर मैंने जल्दी से अपनी बाइक निकाली और उसके घर पहुंच गया. उस टाइम उसके घर पर उसके अलावा और कोई नहीं था.

घर पहुंच कर हम बातें करने लगे. वैसे तो हम दोनों को ही पता था कि हम क्यों मिल रहे हैं लेकिन शुरुआत दो में से कोई नहीं कर रहा था. फिर मैंने ही आगे बढ़ने का सोचा. बात करते हुए फिर धीरे से मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चूम लिया.

दोस्तों, सच बताऊं तो उसे चुम्बन करना भी नहीं आता था. ऐसा इसलिए क्योंकि शायद ये उसका पहली बार था. मेरी भी लाइफ की यह पहली किस थी इसलिए मज़ा तो मुझे भी खूब आ रहा था.

धीरे – धीरे फिर वह भी मेरा साथ देने लगी. दोस्तों, जैसा कि मैंने आपको बताया कि यह हम दोनों का पहली बार था. हम दोनों पहली बार किसी दूसरे लिंग वाले के साथ थे इसलिए खुद पर कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था. हालांकि, हमने काफी देर तक कंट्रोल करने की कोशिश की.

थोड़ी देर बाद जब मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ तो मैंने उसके मम्मों पर हाथ रख दिया और दबाने लगा. मेरे ऐसा करने पर वह कुछ नहीं बोली. बोलती भी तो क्या! उसे तो पता ही था कि क्या हो रहा है. धीरे – धीरे वह भी मेरा साथ देने लगी.

उसके मम्मे काफी बड़े थे. इसलिए उन्हें दबाने में बहुत मज़ा आ रहा था. उधर वो भी अपने स्तन मर्दन का भरपूर मज़ा ले रही थी. थोड़ी देर ऐसा करने के बाद फिर मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया. जब मैंने ऐसा किया तो वो एक दम से पीछे हट गई. यह देख मैंने पूछा कि क्या हुआ?

वो बोली – ये सही नहीं है.

तब मैंने कहा – अगर तुम नहीं करना चाहती तो मैं कोई जबर्दस्ती नहीं करूंगा. नहीं करना तो मत करो. लेकिन एक बात याद रखना कभी ऐसा मौका नहीं मिलेगा.

यह सुन कर वो चुप हो गई और अभी सोच ही रही थी कि तभी मैं उसके एक दम पास गया और उसके होंठों फिर से अपने होंठ रख दिए. इस पर उसने कुछ न कहा और थोड़ी देर बाद मेरा साथ देने लगी. कुछ देर हुई तो वह बोली – मैं तेरा लन्ड देखना चाहती हूं.

इस पर मैंने कहा – जानेमन सब तुम्हारा ही है, जो देखना है देख लो.

फिर उसने मेरी पैंट खोल दी और मेरे लन्ड को देखने लगी. लन्ड लम्बा होकर 9 इंच का हो गया था और शायद इसी पल का इंतज़ार कर रहा था. तभी मैंने उससे कहा – इसे मुंह में लेकर देखो.

पहले तो उसने ऐसा करने से मना किया लेकिन फिर मेरे बार – बार कहने पर मान गई. उसने लन्ड को मुंह में ले लिया. उस पल मुझे जो आया दोस्तों, वो मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता.

थोड़ी देर बाद फिर मैंने उसे अपनी गोद में उठाया और बिस्तर पर ले गया. बिस्तर पर लिटाने के बाद पहले तो मैंने उसकी शर्ट उतारी और फिर ब्रा भी खोल दिया. ऐसा करने से उसके बड़े – बड़े और आजाद मम्मे मेरे सामने आ गए.

उन्हें देखते ही मैं उन पर टूट पड़ा और करीब 10 मिनट तक पागलों की तरह चूसता रहा. ऐसा करने में मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. वो भी आनंद ले रही थी और मेरे बालों को पकड़ के सिर को दबाते हुए और जोर से चूसने को बोल रही थी.

अब मेरे से रुका नहीं जा रहा था. इसलिए फिर मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी. दोस्तों, मैं पहली बार किसी लड़की को ऐसे देख रहा था. मैंने सकी चूत देखी, वो बिलकुल साफ थी. फिर मैंने उसे हाथ से छू कर देखा. मैंने जैसे ही उसकी चूत पर हाथ लगाया वैसे ही वो एक दम से सिकुड़ कर मेरे सीने से लग गई.

अब मेरे कंट्रोल करने की सीमा खत्म हो चुकी थी. फिर उसे सीधा करके मैंने धीरे से अपना लन्ड उसकी चूत पर रखा और हल्का सा धक्का दिया. लन्ड थोड़ा ही अंदर गया था लेकिन उसकी चीख निकल गई. यह देख मैं उतने पर ही रुक गया और उसके होंठों पर होंठ रख कर किस करने लगा.

दो मिनट तक मैं ऐसे ही करता रहा. फिर जब उसका दर्द थोड़ा कम हुआ तो मैंने धीरे से एक और झटका मार दिया. मेरा आधा लन्ड उसकी चूत में घुस गया था. इस झटके के बाद उसे तेज दर्द हुआ और वो हिल भी न पाई. मैंने देखा कि उसकी चूत से हल्का – हल्का खून बाहर आ रहा है. यह देख कर मैं समझ गया कि उसकी सील टूट चुकी है.

दर्द की वजह वो जोर – जोर चीख रही थी. लेकिन घर में कोई नहीं था इसलिए उसके चीखने की परवाह न करते हुए मैंने तीसरा झटका दिया और पूरा लन्ड अंदर कर दिया. अब उसे इतना दर्द हो रहा था कि मुंह से चीख भी निकलनी बंद हो गई थी. बस आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे.

फिर मैं थोड़ी देर के लिए रुक कर उसके मम्मों और होंठों से खेलने लगा. जब उसका दर्द कुछ कम हुआ तो मैं हल्के – हल्के धक्के मारने लगा. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. और शायद अब उसका दर्द खत्म हो गया था या वो चुदाई के आनंद के चलते दर्द भूल गई थी क्योंकि अब वह भी नीचे से धक्के लगा रही थी.

करीब 25 मिनट तक मैं मस्ती में उसे चोदता रहा. इस धकापेल चुदाई के बाद वो झड़ने लगी. उसकी चूत से गर्म लावा निकल रहा था, जिसकी गर्मी मेरे लन्ड से बर्दाश्त नहीं हुई और वह भी पिघल गया और मैंने अपना लावा उसकी चूत में छोड़ दिया. चुदाई के बाद फिर मैं घर चला आया.

हमें अब जब भी मौका मिलता है हम सेक्स जरूर करते हैं. आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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