शाम से शुरू होकर रात तक चली पड़ोसन भाभी की चुदाई

मेरे बगल वाले रूम में एक भाभी रहती थीं. जिन्हें एक बार मैंने टीवी देखने के लिए बुला लिया था. इसके बाद वो मेरे लैपटॉप पर भी मूवी देखने लगीं. एक दिन अचानक मैं उनके घर पहुंचा और उन्हें नंगा देख कर चुदाई कर दी. ये सब मैंने कैसे किया पढें मेरी इस कहानी में…

हेलो दोस्तों, मेरा नाम अंश है और मैं 26 साल का हूँ. मेरे लंड का साइज़ 6 इंच का है और जिस कहानी को मैं आप सब के साथ शेयर करने जा रहा हूँ वह मेरी पहली चुदाई की सच्ची कहानी है. मेरी यह तब की कहानी है, जब मैं बीकॉम में पढ़ रहा था.

दोस्तों, मैं हजारीबाग का रहने वाला हूँ और मैं अपने बीकॉम के दौरान बाहर रहता था. पढ़ाई के लिए मैंने रेंट पर एक रूम ले रखा था. वहां अकेले रहने के कारण मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता था तो मैं मौका मिलने पर अपने मोबाइल में ब्लू फ़िल्म देख लेता और उसे देख के अपने लम्बे लन्ड को हिलाया करता था.

वहीं पर रेंट में एक भाभी भी रहती थी. जब मैंने उनको देखा तो उनके प्रति मेरे विचार बिल्कुल भी गलत नहीं थे. कुछ दिनों बाद मैंने एक लैपटॉप ले लिया और केबल का कनेक्शन टीवी ट्यूनर से करवा दिया. अब मैं आराम से ब्लू फ़िल्म देखता था.

भाभी अपने बच्चों के स्कूल जाने के बाद अकेले ही रहती थी. मैं रोज उन्हें ऐसे ही अकेले देखा करता था. एक दिन मैंने उनसे बोला कि चलिए भाभी साथ में बैठ कर टीवी देखते हैं. उस दिन वो मेरे साथ आकर टीवी देखने लगीं.

उस दिन के बाद से अब उन्होंने धीरे – धीरे मेरे रूम पर आना शुरू कर दिया. अब वो अक्सर आ जातीं और जब मैं होता तो हम बातें करते. इसके साथ ही वो टीवी भी देखती थीं.

एक बार मैं कहीं बाहर जा रहा था तो वो अचानक मेरे रूम पर आ गईं. उस समय मैं सिर्फ चड्डी में था. जिसमें से मेरा लन्ड उभरा हुआ था, जिसे देख कर वो घूरे जा रही थीं तो मैंने उनसे मज़ाक किया और में बोला कि देखना है क्या भाभी? मेरे इतना कहने पर वो वहां से चली गईं.

फिर जब मैं रूम लॉक करके जाने लगा तो मैंने अपना लैप्पी उन्हें दे दिया. मेरे लैपटॉप में बहुत फ़िल्म थीं. नॉर्मल फ़िल्म के साथ – साथ उसमें ब्लू फिल्म भी थीं. दोस्तों, मेरे पास आते रहने के कारण वो लैपटॉप चलना सीख गई थीं.

जब मैं शाम को वापस आया तो उन्होंने लैपटॉप दे दिया और वापस अपने रूम में चली गईं. शायद उसका पॉवर डाउन हो गया था, इस वजह से वह बन्द हो गया था. तब मैंने उसे चार्ज पर लगा दिया.

थोड़ी ही देर बाद घबराई सी मेरे पास आईं. उन्हें देख कर मुझे लगा जैसे कुछ खास बात हो तो मैंने पूछा क्या हुआ भाभी? तो वो बोली कि फ़िल्म देखते हुए लैपटॉप अपने आप बंद हो गया था. इस पर मैंने उनसे कहा कि कोई बात नहीं आप परेशान न होइए जाइए.

फिर मैं सो गया. कुछ देर बाद जब मैं सो के उठा तो मुझे बहुत तेज भूख लगी थी. फिर मैं भाभी के रूम पर चला गया तो वो वहाँ पर नहीं थीं. वो नहाने गयी थी.

फिर मैं उनके किचन में चला गया. कुछ देर बाद भाभी नहा कर बाहर आईं. वे सिर्फ टॉवल में थीं और शायद उन्होंने मुझे नहीं देखा था. फिर वो टॉवल उतार के अपने बदन को पोछने लगी. जब मैंने उनके नंगे बदन को देखा तो मेरे लन्ड में पूरा कड़कपन आ गया और मुझसे रहा नहीं गया.

उनके बड़े – बड़े दूध 36 के थे, उस पर मोती जैसे चूचक थे और उनकी गांड भी एकदम मस्त थी. फिर मैंने पीछे से आकर उन्हें पकड़ लिया. जिससे वो एक दम से घबरा गईं और मुझे पीछे की तरफ धकेल दिया.

तब मैंने उनसे कहा कि प्लीज़ भाभी, एक बार करने दो न, लेकिन वो नहीं मानीं. यह देख कर मैं एक बार फिर से उन पर झपट पड़ा और जोर – जोर से उनके मम्मों को दबाने लगा. वे और उनके मम्मे मेरी कैद में थे. जिन्हें मैं अच्छे से मसल रहा था.

तभी उनके मुंह से आह्ह्ह की एक सिसकारी निकल गई. यह देख मैंने एक बार फिर से बोला कि भाभी सिर्फ आज एक बार ऊपर से ही कर लेने दो न, तो इस पर वो थोड़ा मान गयी.

फिर मैं उनके बूब्स दबाने लगा और साथ ही चूसने भी लगा. अब वो धीरे – धीरे गर्म हो गईं. फिर क्या था, फिर वो भी मस्ती में आकर मुझे किस करने लगीं. कभी वे मेरे चेहरे पर किस करतीं तो कभी चेस्ट पर.

फिर मैं उनकी चूत को सहलाने लगा. वो पूरा साफ़ थी और थोड़ी चिपचिपी भी थी. इसके बाद मैंने अपनी एक उंगली उनकी चूत के अंदर डाल दी. जिससे वो ‘आह आह ऊऊहह ऊऊऊह्ह’ करने लगीं. इसके बाद वो बोलीं कि आज मैं आपके लैपी में सेक्स वाली मूवी देख रही थी तो बंद हो गया था.

अब मेरा रास्ता पूरा साफ़ था. वो भी शायद पहले से ही यही चाहती थी. फिर थोड़ी देर बाद वो बोलीं, “अब मेरे चूत में जल्दी से अपना लन्ड डाल दो न”. इस पर मैंने कहा कि पहले इसे मुंह में लेकर थोड़ा एनर्जी तो दो.

मेरे ऐसा कहने के थोड़ी देर बाद उन्होंने मेरे लन्ड को मुंह में ले लिया और चूसने लगी. ओह क्या मज़ा आ रहा था! इतना मज़ा आ रहा था कि मैं बता भी नहीं सकता. कुछ देर बाद उन्होंने मुंह से लन्ड निकाल दिया.

इसके बाद फिर मैंने उनकी चूत पर लन्ड सेट करके धक्का दिया तो लन्ड फिसल गया. दो – तीन बार ऐसा ही हुआ. यह देख कर वो बोलीं, “पहली बार है क्या?” तो मैंने हाँ में सर हिला दिया.

इसके बाद उन्होंने खुद से लन्ड को सेट किया और फिर धक्का मारने को कहा. जब मैंने धक्का दिया तो मेरा लन्ड आधा उनकी चूत के अंदर चला गया. उनकी चूत काफी टाइट थी. शायद वो बहुत दिनों से अनचुदी थीं.

दोस्तों, उनके पति कई – कई दिन घर नहीं आते थे. फिर धीरे – धीरे हम दोनों एक – दूजे में खो गए और पूरा कमरा ‘आह्ह ऊऊहह आअह्ह्ह ऊह्ह्ह’ की आवाज से गूंज उठा. कुछ देर बाद मैं उनकी चूत में ही झड़ गया. इस दौरान उनकी चूत ने भी असीमित बार पानी छोड़ा था.

फिर मैंने उनकी गांड भी मारी. मैं बारी – बारी से उनकी चूत और गांड मारता रहा. वो गांड मारने के लिए मना कर रही थीं क्योंकि वो उनकी गांड चुदाई पहले नहीं हुई थी. इसलिए जब पहली बार मैंने उनकी गांड में लन्ड डाला तो वो चिल्ला उठीं. फिर धीरे – धीरे सब आराम से हो गया.

उस दिन शाम से रात तक में मैंने दो बार उनकी चूत और दो बार गांड मारी थी. हमारे बीच ये सब बहुत दिनों तक चलता रहा. हमें जब भी मौका मिलता या जब भी हमारा मन करता हम एक – दूसरे पर टूट पड़ते थे.

दोस्तों, यह मेरी पहली कहानी है. यह पूरी तरह सच्ची है. इसमें अगर मुझसे कोई गलती हुई हो तो मुझे माफ़ करें. साथ ही आपको ये कहानी कैसी लगी? मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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