स्टूडेंट की सील तोड़ी स्कूल के ऑफिस में

मैंने नया – नया स्कूल खोला. उसमें एक लड़की ने एडमिशन लिया. वह बहुत खूबसूरत थी. उसकी उम्र 20 साल थी. फिर मैंने उसे पता लिया लेकिन शुरू में वह चुदाई के लिए तैया नहीं थी. आखिर कैसे मैंने उसकी सील तोड़ी.

हेलो दोस्तों, आप सभी पाठकों को मेरे खड़े लन्ड का नमस्कार! मेरी कहानी पढ़ने वाली लड़कियां अपनी चूत में उंगली करने के लिए और लड़के अपना लन्ड खड़ा करके मुठ मारने के लिए तैयार हो जाएं. इतना ही नहीं अगर कहानी पढ़ते समय आपके नज़दीक आपका पार्टनर है तो कहानी पढ़ने के बाद आप उससे सेक्स अपील जरूर करेंगे.

अब ज्यादा समय व्यर्थ न करते हुए मैं सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ. दोस्तों, मेरा नाम अर्णव (बदला हुआ नाम) है. मैं उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से हूँ. मैं वहां के सबसे बड़े कस्बे गोपीगंज में रहता हूँ. मैं साइंस का विद्यार्थी हूँ.

दोस्तों, मैं एक हट्टे – कट्टे शरीर का मालिक हूँ. मेरी लंबाई 5 फुट और 6 इंच है. जबकि मेरे लन्ड की लंबाई 7 इंच है. मेरा लन्ड 2.5 इंच के करीब मोटा भी है.

बात उस समय की है जब मैं ग्रेजुएशन पास कर चुका था और जॉब की तलाश कर रहा था. जॉब न मिलने पर मैंने कोचिंग पढ़ाना शुरू कर दिया. फिर धीरे – धीरे करके मैंने दोस्तों, की मदद से एक स्कूल शुरू कर दिया. हमारा स्कूल पहले साल से ही बढ़िया चल निकला.

मेरे स्कूल में जो पहला एडमिशन हुआ था वो एक लड़की का था. उसका नाम मुस्कान (बदला हुआ नाम) था और वो पढ़ने में बहुत अच्छी थी. उसकी उम्र 20 साल थी और उसने हाई स्कूल में 90 फीसदी मार्क्स हासिल किये थे.

दोस्तों, अपनी कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं मुस्कान के बारे में आप लोगों को बता देना चाहता हूँ. उसका रंग सांवला तंग. परंतु उसका फिगर एक दम कमाल का था. दोस्तों, मेरे हिसाब से उसका फिगर 34 27 32 का रहा होगा. वो काफी स्लिम थी. उसे देख कर किसी का भी मन तुरंत ही उसे चोदने का करने लगता.

दोस्तों, उसके वक्ष स्थल (गोल – गोल उसकी चूची) भी काफी मस्त थे. मैं तो पहली बार उसे देखते ही चोदने का प्लान बनाने लगा था.

आखिर वो दिन आ ही गया. दिवाली के दिन मेरे पास उसका विशिंग मैसेज आया. जिसके जवाब में मैंने भी एक एसएमएस भेज कर उसे विश किया. फिर हमारे बीच एसएमएस चैट शुरू हो गई. फिर मैंने उसके मोबाइल पर एक एसएमएस पैक रिचार्ज करवा दिया ताकि उसे एसएमएस करने में कोई दिक्कत न हो.

ऐसे ही कुछ दिन तक हम एसएमएस चैट करते रहे. एक मैंने हिम्मत करके उसे आई लव यू बोल दिया. जिसके जवाब में उसने भी हां कह दिया. अब धीरे – धीरे हमारे बीच एसएमएस पर ही सेक्स चैट होनी शुरू हो गई और अब हम खुल कर हर तरह की बात करने लगे.

अब हम आमने – सामने ही किसी भी तरह की बात कर लेते थे. हालांकि, सामने बात करने में कभी – कभी वो शर्मा भी जाती थी. एक दिन मैं अपने ऑफिस के कमरे में उसे अकेले पढ़ा रहा था. आप – पास कोई नहीं था. स्कूल की छुट्टी हो जाने के बाद सभी बच्चे घर चले गए थे.

मौका देख कर मैंने हिम्मत की और उसके हाथों पर अपना हाथ फेर दिया. इस पर उसने कुछ नहीं कहा. जिससे मेरी हिम्मत और बढ़ गई और मैं उसके स्तनों तक पहुंच गया. इस पर उसने मेरा हाथ झटक दिया और कहा नहीं यह सब गलत है.

तब मैंने उसे समझाया कि देखो जब हम एक – दूसरे से प्यार करते हैं तो इसमें गलत क्या है! इसके बाद फिर जब मैंने उसके स्तनों को छुआ तो उसने कुछ नहीं कहा. शायद उसका भी मन चुदवाने का हो रहा था.

अब मेरी हिम्मत थोड़ी और बढ़ गई. फिर मैंने उसके बूब्स को दबाना स्टार्ट कर दिया. इससे शायद उसे भी मज़ा आने लगा था. फिर वह भी मेरा सहयोग करने लगी. इसके बाद मैंने अपने होंठों को उसके मस्त मुलायम होंठों पर रख दिया और उसे गर्म करने लगा.

धीरे – धीरे वह गर्म होने लगी और उसके मुंह से सिसकियाँ निकलने लगीं. इसके बाद एक – एक करके मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए. फिर मैंने खुद के भी कपड़े उतार दिए. अब हम दोनों बिल्कुल नंगे एक – दूसरे के सामने थे.

फिर मैंने उसके एक स्तन को चूसना शुरू किया. मैं एक हाथ से उसके दूसरे स्तन को दबा भी रहा था. साथ ही अपना एक हाथ नीचे ले जाकर उसकी चूत में भी उंगली करने लगा. अब वह एक दम मस्त हो चुकी थी और सीत्कार रही थी. इससे पूरा कमरा गूंज रहा था.

थोड़ी देर बाद उसने कहा कि सर अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है. प्लीज अब जल्दी से अपना लन्ड मीठी चूत में डाल कर इसे फाड़ दो. यह सुन कर मुझे बहुत ज्यादा जोश आ गया और मेरा 7 इंच का लन्ड टनटना कर खड़ा हो गया.

फिर मैंने उसे बेंच पर लिटाया और खुद उसके ऊपर आ गया. फिर मैंने अपने लन्ड के सुपाड़े को उसकी चूत पर सेट किया और एक जोरदार धक्का लगा दिया. उसकी चूत की सील बन्द थी इसलिए मेरा लन्ड फिसल गया.

फिर मैंने अपने लन्ड पर और उसकी चूत पर थूक लगाया. इसके बाद एक बार फिर से लन्ड सेट करके जोर से झटका दिया. अबकी बार मेरा थोड़ा सा लन्ड उसकी चूत के अंदर चला गया.

लन्ड अंदर जाने के साथ ही उसके मुंह से जोर की चीख निकल गई. वो मना करने लगी और कहने लगी कि निकालो इसे, मैं मर जाऊंगी सर, प्लीज अपना लन्ड निकाल लीजिए, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, मुझे नहीं करवाना है ये सब.

यह देख मैं थोड़ा रुक गया और उसे समझाया कि पहली बार ऐसा होता. फिर 5 मिनट रुकने के बाद मैंने धक्के देना स्टार्ट कर दिया. क्योंकि मुझ पर सेक्स का भूत सवार हो चुका था. अब मैं धीरे – धीरे ही सही लेकिन लगातार धक्के लगाता जा रहा था.

4-5 धक्कों के बाद मेरा पूरा 7 इंच का लम्बा लन्ड उसकी चूत में घुस गया. अब धीरे – धीरे वक्त बीतने के साथ ही उसे भी मज़ा आने लगा था. मेरा पूरा ऑफिस रूम उसकी सिसकारियों से गूंज रहा था.

करीब 5 मिनट की चुदाई के बाद वो अकड़ने लगी और फिर झड़ गई. मेरा अभी तक नहीं हुआ था. फिर मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी. उसकी चूत से निकले पानी की वजह से पूरे रूम में फच्च – फच्च की आवाज गूंजने लगी.

करीब 22 मिनट की धकापेल चुदाई के बाद हम दोनों साथ में ही झड़ गए. मैं निढाल हो कर उसके ऊपर ही पड़ गया.

दोस्तों, ये थी मेरी पहली कहानी. यदि इसमें कोई त्रुटि हो तो मुझे माफ करना और मेल के जरिए अपना सुझाव जरूर भेजना. ताकि मैं आप लोगों के सामने और भी कहानियां लाने के लिए प्रेरित होऊं. अपनी अगली कहानी में मैं आप लोगों को बताऊंगा कि कैसे मैंने अपने स्कूल की लेडी टीचर को चोदा. तब तक के लिए नमस्कार.

मेरी मेल आईडी – [email protected]

One Reply to “स्टूडेंट की सील तोड़ी स्कूल के ऑफिस में”

  1. 20 साल की लड़की स्कूल में क्या माँ चुदाने दाखिला लेगी ??? २० साल की तो कॉलेज जाएगी गांडू

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