ठंडी रात में विधवा मां को चोदा

मेरे पिता की मृत्यु के बाद मैं अपनी मां के साथ अकेले रहता था. मां मुझे बहुत प्यार करती थी. मैं भी उसे उतना ही प्यार करता था. मैंने कभी मां के बारे में गलत नहीं सोचा था लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था…

हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम राज है और आज मैं आप सब को बहुत ही कामुक कथा सुनने जा रहा हूं. आशा करता हूं कि मेरी यह कहानी आप सब को पसंद आएगी.

दरअसल, ये कहानी मेरे ओर मेरी मां के बीच की है. मेरी मां का नाम रुपा है. उनकी उम्र 37 साल है लेकिन वो दिखाने में बहुत ही कामुक हैं. उनका गोरा बदन और सुडौल मम्मे देख कर कोई भी मुठ मारे बिना नहीं रह सकता.

चलिये बिना वक्त जाया किये सीधा कहानी पर आते हैं. मेरी मां और मैं, पिता जी के देहांत के बाद अकेले पड़ गये थे. पापा एक सरकारी कर्मचारी थे इसलिए फंड के पैसे मिले थे और जमीन को किराये पर दे कर घर खर्च चल रहा था.

दोस्तों, मेरी मां मुझे बहुत प्यार करती थी और मैं शुरू – शुरू में मैं अपनी मां के बारे में कोई कोई गन्दा खयाल नहीं रखता था. एक दिन जब सुबह मैं उठा तो देखा कि मां रोज की तरह नहा कर बाहर आ रही थीं. उन्होंने सिर्फ टॉवल को अपनी कमर पर लपेटा हुआ था और अपने मम्मों पर हाथ रख कर उसे ढके हुए थीं.

मां को इस हालत में देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया. बस उसी दिन से मेरे मन में मां के बारे में बुरे – बुरे खयाल आने लगे. दोस्तों, मैं आप सब को बताना भूल गया कि हम गांव में रहते हैं और वहां पर बहुत ही कम महिलाएं ब्रा – पैंटी का यूज़ करती हैं. मेरी मां भी उन नहीं यूज़ करने वाली महिलाओं में थी. दिन में वो सिर्फ साड़ी, पेटिकोट औए ब्लाउज पहनती थी और रात में सिर्फ नाइटी (अंदर से बिलकुल नंगी ). उसमें से उसके बड़े – बड़े मम्मे मुझे बहुत अच्छे लगते थे.

दोस्तों, मां और मैं रात में साथ ही सोते थे. उस दिन उनका सौंदर्य देखने के बाद अब रात में सोते समय अपनी मां को टच करने की कोशिश करने लगा. कभी मैं उनकी जांघों पर टच करता तो कभी उनके मम्मों पर. बस ऐसे ही दिन निकल रहे थे और मैं दिनों – दिनों अपनी मां को चोदने के सपने देखने लगा.

एक रात मैं रोज की तरह अपनी मां के साथ सो रहा था. अचानक मुझे पेशाब लगी और मैं पेशाब करने के लिये उठा तो देखा कि मां गहरी नींद में थी और अपने पैरों को मोड़ के सो रही थी. जिस वजह से मुझे उसकी छोटे – छोटे बालों से भरी रसीली चूत देखने को मिल गई. एक बार जो मेरी नज़र उस पर गई तो मैं उसे देखता ही गया. हालांकि, डर की वजह से मैं और कुछ नहीं कर सका. फिर थोड़ी देर बाद करने गया. वहां मैंने पेशाब करने के बाद मां के नाम की मुठ मारी और वापस आकर सो गया.

दोस्तों, उस टाइम मैं कॉलेज में पढ़ता था और मेरे पास एक अच्छी क्वालिटी वाला कैमरा फोन था. अगली सुबह जब मैं उठा तो देखा कि मां अभी भी नाइटी में थी. उन्हें ऐसे देख कर मैंने मां के चूत की फ़ोटो निकालने की सोची लेकिन कैसे ये समझ नहीं आ रहा था. थोड़ी देर सोचने के बाद अचानक मेरे दिमाग ने काम करना शुरू किया और मैंने वीडियो रिकॉडिंग ऑन करके मोबाइल फोन को उल्टा करके बेड के नीचे रख दिया.

फिर मां जैसे ही मुझे चाय देने आईं तो उन्होंने मोबाइल पर ध्यान नहीं दिया और उसके ऊपर खड़ी हो गईं. जिससे मेरे मोबाइल में उनके चूत की वीडियो रिकॉर्ड हो गई. फिर जब मां चली गईं तो मोबाइल उठा कर मैंने देखी वीडियो बहुत अच्छी तो नहीं लेकिन काफी हद तक ठीक थी.

फिर मैंने जल्दी से चाय खत्म की और उसके तुरंत बाद बाथरूम में घुस गया और मां के नाम मुठ मार कर अपना माल बाहर निकाल दिया. दोस्तों, मेरी मां बहुत कमाल के बदन की मालकिन थीं. उन्हें देख कर अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था.

फिर उस रात मैंने आगे बढ़ाने की सोची. रात में बहुत ज्यादा ठंड पड़ी थी. मैं और मां एक ही रजाई में सो रहे थे. ठंड की वजह से मां मेरी तरफ घूम कर मुझसे चिपक कर सो रही थी. लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी. मैं इसी उधेड़बुन में था कि कैसे आगे बढूं? इसी बीच उनका एक पांव मेरी कमर पर आ गया था, जिस वजह से मुझे उनकी नंगी चूत दिखने लगी थी.

यह देख मैंने बिना ज्यादा हिले – डुले मां की जांघों पर अपने हाथ फेरना शुरू कर दिया और फिर धीरे – धीरे उनकी चूत तक पहुंच गया. उनके चूत के बालों में हाथ फिराने के साथ – साथ मैं उनकी चूत को भी सहला रहा था.

मेरी मां के चूत से बहुत अच्छी खुशबू आ रही थी. जिससे मेरा अपने ऊपर से नियंत्रण कम होता जा रहा था. फिर धीरे से मैंने अपना पजामा नीचे किया और मेरा 7 इंच लम्बा लंड बाहर निकला. दोस्तों, मेरा लंड अब तक खड़ा होकर एक दम कड़क हो चुका था. फिर मैं अपने लंड को मां की चूत पर घिसने लगा. जिस वजह से मेरे लंड से थोड़ा – थोड़ा पानी आने लगा था और मां चूत भी गीली हो गयी.

यह देख जब मुझसे बिल्कुल रहा नहीं गया तो मैंने मां की चूत के छेद पर अपना लंड रखा और धीरे से दबा दिया. दोस्तों, पापा के देहांत के बाद से मां ने चुदाई नहीं की थी, इसलिए उनकी चूत का छेद बहुत ज्यादा टाइट था. फिर मैंने थोड़ा और जोर लगाया तो मेरे लंड का टोपा उनकी चूत में अंदर चला गया.

दोस्तों, ये मेरा भी पहली बार था इसलिए मुझे बहुत ज्यादा दर्द हुआ. लेकिन तभी मां ने हल्का सा खांसा और मेरी ओर थोड़ा और खिसक आईं. जिससे मेरा आधा लंड उनकी चूत में समा गया. अब मैं बहुत ज्यादा डर गया था. मुजजे लगा कि वो जाग गई हैं और अब मुझे बहुत डांटेंगी, इसलिये मैं बिल्कुल नहीं हिला, लेकिन थोड़ी देर तक जब उन्होंने कुछ नहीं कहा तो मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैंने लंड को उनकी चूत के अंदर – बाहर करना शुरू कर दिया.

दोस्तों, अब मुझे बहुत मजा आ रहा था. मेरा आधे से ज्यादा लंड मां की चूत में घुसा उनकी चुदाई कर रहा था. थोड़ी देर बाद मुझे लगा कि मैं झड़ने वाला हूं तो मैंने पूरा लंड उनकी चूत में घुसेड़ कर और तेजी से चुदाई करना शुरू कर दिया.

थोड़ी ही देर में मेरे लंड ने अपना पानी मेरी प्यारी मां की चूत में ही छोड़ दिया. मेरे लंड से पानी की 7-8  तेज तर्रार पिचकारियां निकलीं, जिससे मां की चूत मेरे पानी से लबालब हो गयी और पानी रिस – रिस कर चूत से बाहर आने लगा.

फिर मैंने मां की ओर देखा. वो अभी भी अपनी आंख बंद किए गहरी नींद में सो रही थी. फिर मैंने अपने लंड को उनकी चूत से बाहर निकाला. लंड फच्च की आवाज के साथ बाहर निकल आया. उसके साथ थोड़ा पानी भी बाहर आ गया लेकिन ज्यादातर पानी उनकी चूत की गुफा में समा गया था. फिर मैंने मां की चूत को साफ करने के लिए अपना मुंह उनकी चूत पर ले गया और जुबान से चाट कर उसे साफ कर दिया. चूत साफ करने के बाद मैंने मां की नाइटी को ठीक किया और सो गया.

अगली कहानी में मैं बताऊंगा कि आगे क्या हुआ? दोस्तों, अगर आपको मेरी यह कहानी पसंद आई हो तो प्लीज मेरी ईमेल आईडी – [email protected] पर अपनी प्रतिक्रिया जरूर दीजिये.

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