ट्रेन में चूची दबाई, घर में हुई जमकर ठुकाई

एक बार ट्रेन के जनरल डिब्बे मेम मुझे एक खूबसूरत महिला मिली. डिब्बे में भीड़ का फायदा उठाकर उसने गाड़ी में ही मुझसे अपनी चूची दबवाई. फिर मैं उसके पीछे – पीछे उसके घर पहुंच गया, जहां हमने जमकर चुदाई की. मैंने उसकी गांड भी मारी…

नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम यश है और मैं सोनीपत का रहने वाला हूं. आज मैं आपको अपनी पहली चुदाई की कहानी
बताने जा हूं.

कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं आप सब को अपने बारे मैं बता देना चाहता हूं. मैं 22 साल का हूं और किसी भी
लड़की या आंटी को खुश कर सकता हूं. दोस्तों, मैं बिना किसी दवाई या गोली के भी 30 से 45 मिनट तक सेक्स कर सकता हूं.

अब मैं अपनी कहानी पर आता हूं. ये बात 2016 की है. तब मैं ट्रेन से दिल्ली से पानीपत जा रहा था. ट्रेन में भीड़ बहुत ज्यादा थी. बड़ी मुश्किल से मैं अंदर घुस पाया. भीड़ की वजह से हमें खड़े – खड़े ही जाना था.

तभी मैंने देखा कि मेरे बाजू में भाभी जैसी दिखने वाली एक बहुत ही खूबसूरत औरत खड़ी है. भीड़ के कारण हम बहुत पास – पास खड़े थे. जब ट्रेन चलने लगी तो बार – बार मेरा हाथ उसके पेट से टकराने लगा. शुरू में मुझे लगा कि यह मेरा वहम भर है क्योंकि मैं तो अपना हाथ हिला ही नहीं रहा था. लेकिन बाद में जब मैंने अपने हाथ पर नज़र टिकाई तो सारा सीन समझ आ गया.

मैंने देखा कि वह औरत ट्रेन की स्पीड का सहारा लेकर बार – बार अपना पेट आगे कर रही थी. मुझे लगा कि वो जानबूझकर ये सब कर रही है. वह चाहती है कि मैं अपना हाथ उसके पेट से लगाए रखूं.

यह देख मैंने अपने हाथ को ऊपर करना शुरू किया. ऐसा करने के दौरान मेरा हाथ उसके चूचों से लग गया. उसके चूचों के टच होते ही मुझे तो जैसे करंट सा लग गया. लेकिन मैंने अपना हाथ हटाया नहीं और भीड़ का फायदा उठा कर उसके चूचों को दबा दिया.

मेरे ऐसा करने पर उसने मेरी तरफ देखा और फिर एल स्माइल पास कर दी. मैं समझ गया कि वह चुदने को तैयार है और ट्रेन में करने पर भी उसे कोई ऐतराज नहीं है. फिर मैं जोर – जोर से उसके चूचों को दबाने लगा.

अब उस भाभी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और दबाव बना कर अपने चूचे दबवाने लगी. चूंकि भीड़ बहुत ज्यादा थी इसलिए मैंने अपना हाथ उसके ब्लाउज़ के अंदर डाल दिया और उसके मस्त मुलायम चूचों को मसलने लगा. दोस्तों, उसके चुचे 38 के रहे होंगे. ट्रेन में मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कर पाया.

फिर वो मेरे साथ ही पानीपत में उतर गई. उतरने के बाद उसने मेरी तरफ देखा और स्माइल पास करके सीधा चल पड़ी. मुझे लगा शायद मुझे अपने साथ बुला रही है. चूंकि मेरे पास अभी समय था तो मैं भी उसके पीछे – पीछे चल दिया.

वो बार – बार मुड़ कर पीछे मुझे देख रही थी. थोड़ी देर बाद हम पानीपत के मॉडल टाउन मुहल्ले में पहुंच गए. वहां पहुंच कर उसने अपने घर का दरवाजा खोला और फिर अंदर चली गयी. अब मैं क्या करता मैं बाहर ही खड़ा रहा.

तभी वो वापस आयी और बोली – अंदर आ जाओ, मैं अकेली ही हूं. दोस्तों, उसकी यह बात सुन कर मैं तो खुशी के मारे पागल सा हो गया. मैं मन ही मन बहुत खुश हुआ. फिर मैं अंदर चला गया.

अंदर जाकर मैंने उसे गौर से देखा. वो दिखने में बिल्कुल करीना कपूर के जैसी थी. मैं उसे देख ही रहा था कि वो बोली – अपना नाम तो बता दो. फिर मैंने बड़े प्यार से अपना नाम यश बताया तो उसने कहा कि मेरा नाम नेहा है.

इसके बाद मुझे सोफ़े पर बैठने को बोल कर वो पानी लेने चली गई और जब वो आई उसने कपड़े चेंज कर लिए थे और सिंगल पीस नाइटी में थी. इस ड्रेस में मैं तो उसे देखता ही जा रहा था.

तभी वो एक दम से बोली उठी – क्या देख रहे हो? मैंने भी बेबाकी से कहा – वही जो आप छुपा रही हैं. मेरे इतना कहते ही वो हंसने लगी और फिर अपनी नाइटी उतार कर बोली – लो नहीं छुपाती.

दोस्तों, वो बहुत गोरी थी. मैं तो उसका गोरा बदन देख कर पागल हो रहा था. फिर मैंने बिना पिये ही पानी का ग्लास साइड में रखा और बिना देर किए उस पर टूट पड़ा और उसके नशीले होंठ पर किस कर लिया. मैं लगातार उसे किस करता जा रहा था और अब वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.

अब तक मैंने अपना एक हाथ उसके चूचे पर और दूसरा उसकी मांसल गांड पर रख दिया. अब मैं किस करने के साथ – साथ उसके चूचे और गांड को भी दबाने लगा. मेरे ऐसा करने पर वो, “आह आह” की मादक आवाज कर रही थी. उसकी मादक आवाज़ सुन – सुन कर मेरा जोश और भी बढ़ रहा था.

अब मैंने ऐसे ही किस करते हुए उसकी गांड में अपनी एक उंगली डाल दी. इस पे उसने जोर से सिसकारी ली और कहा – नहीं, गांड में नहीं दर्द होता है.

तब मैंने कहा कि चिंता न करो अगर ज्यादा दर्द हुआ तो निकाल लूंगा. वो मान गई. इसके बाद मैंने उसे सोफे पर ही
लिटा दिया और खुद उसके ऊपर गिर गया. यह देख वो हंसने लगी. अब मैं एक बार उसे किस करने लगा और इस तरह उसकी हंसी को रोक दिया.

थोड़ी देर बाद मैंने उसके होंठों को छोड़ उसके चूचों को पकड़ लिया. अब मैं एक हाथ से उसके चूचे को दबाता और दूसरे से उसकी चूत में उंगली कर रहा था. इसी बीच उसने भी मेरे लौड़े को पकड़ लिया था और अपने नाज़ुक हाथों से
उसे सहला रही थी.

अब मैंने देर ना करते हुए अपने लौड़े को पैंट से बाहर निकाला और उसके मुंह में डाल दिया. जिसे वो सनी लियॉनी की तरह चप्प – चप्प करके चूसने लगी. करीब 10
मिनट तक लन्ड चुसवाने के बाद मैंने लौड़े को उसके मुंह से बाहर किया और उसकी चूत पर सेट करके डाल दिया.

लौड़ा अंदर जाने पर उसके मुंह से “आह” की आवाज निकल गई लेकिन तब तक तो मेरा पूरा लन्ड उसकी चूत में घुस चुका था. अब वो “आह आह” की आवाज कर रही थी.

फिर मैं नीचे आ गया और वो मेरे ऊपर थी. अब मैं नीचे से
झटके लगा रहा था और वो ऊपर से उछलते हुए चिल्ला रही थी. इसी बीच उसका पानी छूट गया और वो ठंडी हो गई. लेकिन मेरा तो अभी हुआ ही नहीं था तो उसने कहा कि अपने मुझे इतना मज़ा दिया है मैं आपको ऐसे नहीं छोड़ सकती. एक काम करिये आप मेरी गांड मार लीजिये.

यह सुन कर मैं तो खुशी से पागल हो चुका था. मुझे उम्मीद ही नहीं थी कि एक साथ मुझे इतना कुछ मिल जाएगा. खैर, फिर मैंने अपने लौड़े पर थूक लगाया और उसकी गांड में पेल दिया. अभी मेरा आधा ही लन्ड अंदर गया था कि वो चिल्लाने लगी.

तब मैंने अपने हाथ से उसके चूचों को दबाना शुरू किया ओर साथ में किस भी करने लगा. इससे कुछ समय बाद उसका दर्द कम हुआ और उसने कहा अब करो. इसी बीच मैं पूरा लौड़ा उसकी गांड में डाल चुका था. फिर मैं धक्के लगाने लगा. करीब 20 मिनट बाद उसकी गांड में ही मेरा माल छूट गया.

इसके बाद मैंने उससे जाने को कहा तो उसने मुझसे मेरा नंबर लिया और बाद में फ़ोन करने को कहा. अब तक मैं उसकी 4 सहेलियों को भी चोद चुका हूं. उम्मीद है मेरी कहानी आपको पसन्द आई होगी. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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