ट्रेन में मेरी पहली गांड चुदाई

ये देख कर मेरा भी मन होने लगा. इसलिए मैं उसके लंड को देखने लगा. दोस्तों, उस बोगी में ज्यादा लोग नहीं थे इसलिए उसने मुझे अपने पास बुलाया और अपना लंड मेरे हाथ में दिया जो काफ़ी गरम था और मोटा था…

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम रमेश है. मेरी उम्र 22 साल है और यह जो कहानी मैं आप लोगों को बताने जा रहा हूं ये मेरी सच्ची कहानी है. घटना तब की है जब मैं 20 साल का था. दोस्तों, मुझे बचपन से ही चूत की बजाय लंड में इंटेरेस्ट होने लगा था .जब भी मैं किसी लड़के को देखता तो मेरा मन उसका लंड चूसने को करने लगता मगर हमेशा डर लगता कि कहीं पिटाई न हो जाए.

एक बार की बात है मैं अपने घर बिहार से घूमने के लिए दिल्ली अपने मामू के पास जा रहा था. जिस ट्रेन में मेरा रिज़र्वेशन था उसमे मेरी सीट सबसे ऊपर थी.

कुछ देर बाद उसी कंपार्टमेंट में दो लड़के आए. जिसमें से एक बॉडी बिल्डर था. उसकी सीट मेरी बर्थ के ठीक नीचे थी. जैसे ही मैंने उसे देखा मैं उसकी तरफ अट्रैक्ट होने लगा. इसलिए फिर मैं नीचे उतर आया और उससे बात करने लगा.

उसका नाम राहुल था और वो भी दिल्ली जा रहा था. फिर वहां से उसे जम्मू जाना था. उसने बताया कि बीच वाली सीट उसकी है. जिसे बदल कर दूसरे कंपार्टमेंट में जाना चाहता है.

यह सुन कर मैंने उससे कहा कि चलो मैं भी चलता हूं इसी बहाने थोड़ा घूम लूंगा. फिर मैं उसके साथ दूसरे कंपार्टमेंट में गया लेकिन वहां भी उसे जगह नहीं मिली तो वो आगे चला गया और जगह मिलने पर वहीं बैठ गया.

मैं भी उसके साथ उसी कंपार्टमेंट में बैठ गया और उससे बात करने लगा. थोड़ी देर बात करने के बाद राहुल ने मेरा मोबाइल मांगा. मैंने दे दिया. दोस्तों, मेरे मोबाइल में मेरी कुछ नंगी तस्वीरे थीं और कुछ लंड चूसते हुए लड़कों की भी थीं. वो उन्हें ही देखने लगा. फ़ोटो देखने के बाद फिर वो मेरी तरफ देखने लगा.

तब मैंने जल्दी से माफी मांगते हुए अपना फोन उससे वापस लेने लगा. तब राहुल बोला, “कोई बात नहीं”. फिर वो फोन की सभी तस्वीरें देखने और साथ में अपना लंड एड्जस्ट करने लगा.

ये देख कर मेरा भी मन होने लगा. इसलिए मैं उसके लंड को देखने लगा. दोस्तों, उस बोगी में ज्यादा लोग नहीं थे इसलिए उसने मुझे अपने पास बुलाया और अपना लंड मेरे हाथ में दिया जो काफ़ी गरम था और मोटा था.

अब वो मोबाइल में फ़ोटो देख रहा था और मैं हाथ में लेकर उसका लंड मसल रहा था. थोड़ी देर बाद मैं लंड चूसने के लिए नीचे गया और उसके पैंट की ज़िप ख़ोल कर उसे बाहर निकाल लिया और मुंह में ले लिया. फिर उसने के के नज़र मेरी तरफ मारी लेकिन बोला कुछ नहीं.

उसका लंड बहुत बड़ा था. मेरे मुंह में नहीं जा रहा था लेकिन मैं चूसता रहा क्योंकि पहली बार मैं किसी का लंड चूस रहा था. बड़ा मज़ा आ रहा था. थोड़ी देर बाद बोगी में भीड़ बढ़ने लगी तो हम शांत होकर अलग हो गए.

तब राहुल मुझसे बोला, “चलो उधर”. फिर हम दूसरी तरफ गए मगर कोई जगह नहीं मिली. तब मैंने उसे टॉयलेट में चलने को कहा और फिर हमने टॉयलेट में घुस कर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया.

वहां राहुल खुद नंगा हुआ और फिर अपना लंड मेरे मुंह मेरे मुंह में दे दिया. उसका लंड मेरे गले के अंदर तक जा रहा था. बीच – बीच में वह धक्के भी देता रहा. लंड चूसते समय वो मेरी गांड में उंगली भी करने लगा. पहले एक उंगली, फिर दो उंगलियां. पहले टी मुझे दर्द हुआ लेकिन फिर धीरे – धीरे मज़ा आने लगा.

थोड़ी देर बाद फिर उसने मुझे डॉगी स्टाइल में पलट दिया और अपना लंड मेरी गांड में डाल दिया. दोस्तों, उसने अपना 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा लंड मेरी गांड में बिना कंडोम के थूक लगा कर पेल दिया. इसके बाद वह ज़ोर – ज़ोर से धक्के मारने लगा. मुझे बहुत दर्द हुआ. मैं जोर से चिल्लाने लगा तो उसने मेरे मुंह पर अपना हाथ रख दिया ताकि आवाज टॉयलेट से बाहर न जाए.

मेरा दर्द देख कर वह समझ गया कि यह मेरी पहली गांड चुदाई है. इसलिए वह और ताक़त लगा कर मेरी चुदाई करने लगा. दोस्तों, राहुल का वजन ज्यादा होने की वजह से अब मैं हिल भी नहीं पा रहा था.

तभी उसने एक और जोरदार धक्का दिया. उस धक्के के साथ उसका लंड मेरी गांड को फाड़ता हुआ पूरा का पूरा अन्दर चला गया. मेरे गले से चीख निकल गई और मेरी आंखों से आंसू निकल आए. लेकिन उसने जरा सी भी रहम नहीं दिखाई. वह मेरी कमर पकड़ कर लंड पेले जा रहा था.

मैं डॉगी स्टाइल में था और वो मेरा बाल पकड़ कर गकी देते हुए बिल्कुल रंडी जैसे मुझे चोद रहा था. अब मुझे भी मज़ा आने लगा था. शुरुआत में तो मुझे बहुत दर्द हुआ लेकिन राहुल का मूसल जैसा लंड अपनी गांड में लेने की चाहत के कारण मैंने वह दर्द सहन कर लिया था.

अब मेरे गांड की खुजली भी मिटने लगी थी इसलिए मैंने अपनी गांड को हल्के – हल्के हिलाना शुरू कर दिया. मुझे इस वक्त अपनी गांड चुदाई करवाने में बहुत मजा आ रहा था. अब मेरे मुंह से ‘अह आह आह… ऐह ऐह… ओह्ह ओह्ह…’ की मादक आवाजें निकल रही थीं.

वह मस्ती में मेरी गांड मार रहा था और मैं उसके नीचे कुतिया बन कर चुदाई करवा रहा था. वह किसी मस्त सांड की तरह मेरे ऊपर चढ़ कर मेरी गांड में धक्के लगा रहा था.

करीब 30 मिनट की चुदाई के बाद उसने अपना माल मेरी गांड मे छोड़ दिया. जिससे मेरी गांड भर गई. इसके बाद वह मुझसे अलग हो गया. मेरी गांड में बहुत दर्द हो रहा था. ठीक से चला भी नहीं जा रहा था. अब हम टॉयलेट से निकले और अपनी सीट की तरफ चल दिए. वो मुझसे आगे निकल कर चला गया. मैं थोड़ी देर में निकला.

फिर मैं सीधा जाकर अपनी सीट पर बैठ गया. थोड़ी देर बैठे रहने के बाद मुझे नींद सी आने लगी और मैं लेट कर सो गया. इसी बीच उसने किसी और बोगी के एक लड़के से अपनी सीट बदल ली. उसके बाद न तो वह मुझे दिखा और न ही मैं उसके सामने पड़ा. आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी? मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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