ट्रेन के टॉयलेट में चुदाई

ट्रेन में मेरे सामने एक खूबसूरत लड़की बैठी थी. बात करने के दौरान उसने मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछा. फिर बातों ही बातों में मैं उसे टॉयलेट के अंदर ले गया और चोद दिया…

हेलो फ्रेंड्स, मेरा नाम रवि है और मैं बैंगलूरु का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 23 साल है और मेरे लन्ड की लंबाई 5 फुट 8 इंच है. अन्तर्वासना पर ये मेरी पहली कहानी है. उम्मीद है आप सब को पसंद आएगी.

मेरी यह स्टोरी 2 साल पहले की है. एक शादी के सिलसिले में मुझे बैंगलूरु से राजस्थान जाना था. फिर मैं वहां से अकेले ही राजस्थान के लिए निकाला. स्टेशन पहुंच कर मैंने ट्रेन की टिकट ली. ट्रेन बैंगलूरु रेलवे स्टेशन से रात 10 बजे निकलने वाली थी.

ट्रेन समय पर थी. फिर मैं अपनी सीट पर आकर बैठ गया. मेरे पास ही एक फैमिली बैठी थी. वे मैसूर से ट्रेन में चढ़े थे. मैंने उनसे पूछा कि कहाँ तक आप लोगों को जाना है. तो उन्होंने मेरे सवाल का जवाब देने की बजाय मुझसे ही सवाल कर दिया कि आप को कहाँ तक जाना है?

तब मैंने उन्हें बताया. मेरा जवाब सुन कर उन्होंने बताया कि मुझे अजमेर जाना है. दोस्तों, मेरी सीट ऊपर वाली थी. फिर मैं अपनी बर्थ पर जाकर सोने लगा. मेरे सामने वाली सीट पर एक लड़की सोई हुई थी. फेस से वो बहुत सेक्सी और क्यूट थी.

फिर मैं भी सो गया. सुबह मैं उठा और नीचे आया तो वो लड़की नीचे बैठी थी. उसको देख के मेरे होश उड़ गये. क्या मस्त फिगर था उसका! उसका साइज़ 32 26 34 का रहा होगा और उम्र 20 साल के आसपास थी.

फिर मैं फ्रेश होने गया और वापस आ कर नीचे की विंडो वाली सीट पर बैठ गया. वो मेरे सामने ही बैठी थी. बातों ही बातों में मुझे उसका नाम पता चला. उसका नाम अंजू था.

फिर मैं उसके पापा के साथ बात करने लगा. धीरे – धीरे वो भी बातों में इनवॉल्व होने लगी. फिर ऐसे – वैसे करते हुए एक दिन बीत गया. रात के समय मैं टॉयलेट जा रहा था. तभी वो भी सामने से आ रही थी. मुझे देख कर उसने एक सेक्सी स्माइल पास कर दी. फिर मैंने भी उसकी तरफ देख कर एक स्माइल दे दी और टॉयलेट चला गया.

जब मैं टॉयलेट जा कर वापस आया तो वो दरवाजे पर खड़ी थी. फिर मैं उस के पास जा कर उस से बात करने लगा. धीरे – धीरे हमारे बीच तमाम बातें होने लगी. बातों ही बातों में उसने मुझसे पूछा कि आप की कोई गर्लफ्रेंड है क्या? तब मैंने कहा कि अब तक तो कोई नहीं है. फिर पलट कर मैंने भी उससे पूछ लिया. इस पर उसने भी नहीं कहा.

मौका देख कर मैंने उससे पूछा कि क्या तुम मेरी गर्लफ्रेंड बनोगी? तब उसने कहा कि बन तो जाऊंगी लेकिन एक काम करना पड़ेगा. मैंने पूछा कि क्या करना होगा तो उसने मेरे गाल पर किस कर लिया और जाने लगी.

यह देख कर ही मैं सारा सीन समझ गया और उसका हाथ पकड़ कर वापस बुला लिया. उस समय 11.30 बजे थे. इसलिए वहां किसी के आने की संभावना नहीं थी तो मैं उसको लेकर सीधा बाथरूम में चला गया और दरवाजा बन्द कर लिया.

दरवाजा बन्द करते ही मैंने उसके होंठों को अपने होंठों से जकड़ लिया और किस करने लगा. साथ ही मैं उसकी गांड़ भी मसलने लगा. करीब 5 मिनट ऐसा करने के बाद मैंने उसको पीछे घुमाया और नेक पर किस करने लगा.

अब मेरा लंड पूरा तन गया था. दोस्तों, उसने लेगिंग्स और टॉप पहना था. फिर मैंने उसके टॉप के अंदर हाथ डाल दिया और बूब्स को ज़ोर – ज़ोर से मसलने लगा.

बूब्स मसलने से उसे मज़ा आने लगा और वो ‘आह आह आह आह’ की आवाज करने लगी. क्या मस्त सॉफ्ट बूब्स थे उसके! उन्हें मसल कर मज़ा आ गया था.

फिर मैंने उसकी लेगिंग्स में हाथ डाल दिया और उसकी नाज़ुक सी चूत को छुआ. उसकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी. फिर पहले मैंने उसके टॉप को उतार कर साइड में रख दिया.

उसने रेड कलर की ब्रा पहनी थी. इसके बाद मैंने झट से उसकी ब्रा भी खोल दी. वाउ… उसके बूब्स काफी गोरे – गोरे थे और उन पर लाइट ब्राउन कलर की निप्पल बहुत मस्त लग रही थी. उन्हें देखते ही मैंने बूब्स को मुंह में भर लिया और चूसने लगा.

मैं बड़े मस्त तरीके से उसकी चूचियां चूस रहा था. उसे बहुत मज़ा आ रहा और वो कह रही थी, ‘खा जाओ रवि मेरे बूब्स खा जाओ’. ये सुन के मेरा जोश और बढ़ गया. फिर मैं उसके एक बूब्स को तेजी से दबाने लगा.

करीब 10 मिनट तक ऐसा करने के बाद मैंने अपना पैंट खोला और अंडर वियर उतार कर लंड बाहर निकाला. मेरा लन्ड देख कर वो कहने लगी कि इतना मोटा और लंबा लन्ड मैंने आज तक नहीं देखा. फिर मैंने उसके हाथ में लन्ड दे दिया, जिसे वो मसलने लगी.

थोड़ी देर बाद मैंने उससे लन्ड को मुंह में लेने को कहा तो वो मना करने लगी. लेकिन मैं नहीं माना और फिर उसको वेस्टर्न स्टाइल वाली टॉयलेट सीट पर बिठा कर उसके मुंह में लन्ड डाल दिया. जिसे वो लॉलीपॉप की तरह चाटने लगी. अब मुझे तो जन्नत जैसा फील हो रहा था. थोड़ी देर बाद मैं झड़ने वाला था. कुछ देर बाद मैं उसके मुंह में ही झड़ गया. जिसे उसने पी लिया.

इसके बाद फिर मैंने उसकी लेगिंग्स को भी उतार दिया. उसने लाल रंग की पैंटी पहनी थी. फिर मैंने मेरे दांतो का इस्तेमाल करके उसकी पैंटी भी खोल दी. अब उसकी चूत मेरे सामने थी. नंगी होने के बाद वह शर्मा गई और अपनी चूत को हाथ से ढक लिया.

फिर मैंने उसके हाथ को हटाया और देखा कि उसकी चूत एक दम क्लीन शेव्ड थी. उसकी चूत एक दम फूली हुई थी. जिसे देख कर मेरा लंड फिर से पूरा खड़ा हो गया. फिर वह भी जोश में आ गई और उसने कहा कि रवि अब जल्दी से अपना लन्ड मेरी चूत में डालो, अब मुझे और ज्यादा मत तड़पाओ. मुझसे सहा नहीं जा रहा है.

फिर मैंने उसको खड़ा किया और झुकने को बोला. वो झुक गई. तब मैंने उसकी चूत में उंगली डाली और अंदर – बाहर करने लगा. इस पर वो आहें भरने लगी. थोड़ी देर बाद फिर मैंने उसकी चूत से उंगली निकली और छेद पर लंड रख कर रगड़ने लगा.

इस पर वो बोली, ‘रवि धीरे – धीरे डालना, आज पहली बार है’. उसके पहली बात की बार सुन कर मेरा जोश ज्यादा बढ़ गया और मैं खुश हो गया. फिर मैंने लंड को चूत पर सेट किया और अंदर डालने लगा. मेरा लन्ड अंदर नहीं जा रहा था.

फिर मैंने थोड़ा ज़ोर से झटका मारा. लेकिन इस बार भी लंड फिसल गया. इसके बाद मैंने उसकी चूत पर थोड़ा थूक लगाया और फिर से एक झटका मारा. इस बार मेरा थोड़ा सा लंड अंदर गया और वो उछल गई. अब उसे दर्द होने लगा और वो कहने लगी कि निकालो दर्द हो रहा है.

लेकिन मैंने लन्ड बाहर नहीं निकाला और थोड़ी देर वैसे ही रह कर उसके बूब्स प्रेस करने लगा. जब वो थोड़ा शांत हुई तो फिर मैंने उसके मुंह पर हाथ रख कर बंद कर दिया और फिर मैंने एक जोरदार झटका मारा तो मेरा पूरा लंड अंदर चला गया और वो तड़पने लगी.

एक बार मैं फिर वैसे ही रुका रहा और थोड़ी देर बाद मैं धीरे – धीरे लन्ड अंदर – बाहर करने लगा. अब वो हां हां कह के मज़े ले रही थी और, ‘फक मी जान फक मी, और ज़ोर से रवि और जोर से, बहुत मज़ा आ रहा है’ कहने लगी.

फिर मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी. इसके साथ ही उसकी सिसकारियां भी बढ़ती जा रही थी. करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया. इस बीच वो भी 2 बार झड़ चुकी थी.

फिर मैंने लंड बाहर निकाला और हम लिप किस करने लगे. इसके बाद वो बोली आज बहुत मज़ा आया. तुमने आज मेरी भूख मिटा दी. फिर मैंने उसके बूब्स दबाए और एक बार और उसको चोदा. इसके बाद फिर हम दोनों ने अपने कपड़े पहने और फिर मैं किस करने लगे.

फिर मैंने मेरा फोन निकाला तो देखा कि 3 बज रहे थे. टाइम देख कर वो बोली कि काफी देर हो गई अब चलते हैं. तब मैं बोला कि पहले मैं निकल के दरवाजे के पास खड़ा रहूँगा फिर मैं तुम्हारे बार पर एक मिस कॉल करूँगा. तब तुम बाहर आना.

इसके बाद फिर मैंने उसका नम्बर लिया और बाहर आ गया. बाहर आकर मैंने देखा कि कोई वहां कोई नहीं था. फिर दोनों एक ही साथ वहां से निकल गये. वो डरते – डरते गई और जाते ही अपनी सीट पर लेट गई.

फिर थोड़ी देर में मैं भी अपनी सीट पर पहुंच गया और देखा सब सोये हुए थे. इसके बाद मैं ऊपर वाली अपनी सीट पर जाकर लेट गया और उसको देखा तो उसने स्माइल पास कर दी.

इसके बाद फिर हम दोनों सो गये. हम सुबह देर तक सोते रहे. बजे तक मैं उठ गया. आधे घंटे बाद वो भी उठी और फ्रेश होने के लिए टॉयलेट चली गई. थोड़ी देर बाद मैं भी उधर गया और उससे पूछा कि कल कैसा रहा तो उसने स्माइल पास कर दिया.

3 बजे मेरा स्टेशन आने वाला था. तब तक ट्रेन थोड़ी खाली हो गई थी. फिर मैंने मौका देख कर उसको फिर से किस किया और बूब्स दबाए. इसके बाद मेरा स्टेशन आ गया मैं उतार गया.

आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी. मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *