उस हसीन रात की तितलियाँ

कोई-कोई दिन ही बड़ा नसीब लेके आता है. सन्डे का दिन खाली हो….करने कुछ न हो….और एक सिर्फ एक चूत का छेद मिल जाय. हाय! दिन बन जाय. लेकिन यहाँ तो किस्मत इतनी मेहरबान थी उस दिन,  की पूछो मत……….एक नहीं दो चूतें मिलीं और पैसे भी. कैसे??? वो जानने के लिए तो पूरा घुसना पड़ेगा……..

दोस्तों! मेरा नाम करण है. मै पुणे का रहने वाला हूँ. आज मै पहली बार अपनी कहानी आप
लोगों के सामने पेश कर रहा हूँ. यह बात अभी कुछ ही दिन पहले की है। एक दिन मै अपनी बाइक से शहर की ओर जा रहा था। एक फ़ोन कॉल रिसिव करने के लिए मैंने सड़क के किनारे ही बाइक खड़ी कर दी और फोन पे बातें करने लगा. वो जगह अभी शहर से 3 किलोमीटर की दूरी पे था. छोटी गाडियों का आना जाना कम ही दिख रहा था और बड़ी गाड़ियाँ भी इक्का- दुक्का ही आ जा रही थीं.

मै अभी बात ही कर रहा था कि अचानक मेरी नज़र कुछ दूर पे मेरे सामने आकर खड़ीं होने वाली कार पर गई. मैंने देखा की उसमे दो  लड़िकयाँ थीं। वो दोनों कार से उतर कर सामने वाली वाइन-शॉप में गईं. कॉल ख़त्म होने के बाद भी मै तो उन दोनों को एकटक देख रहा था. क्या माल थीं? एक ने जीन्स और टॉप पहना हुआ था जो एकदम चुस्त फिटिंग की थी, उसके बड़े-बड़े स्तन थे और चूतड़ तो बहुत ही बड़े थे, वो बहुत ही खूबसूरत थी।
दूसरी वाली ने एक झीनी ब्लैक साड़ी पहनी हुई थी, पर दिकने में तो वो उस जीन्स वाली से भी ज्यादा सेक्सी थी. वो बहुत मस्त लग रही थी। दोनो ही पटाखे बड़े घर के लग रहे थे।

कुछ ही देर में  दोनो वाइन शॉप से वापस आ रही थीं. मेरा लौड़ा तो उन दोनो को देख कर ही 6 इंच का हो कर खड़ा हो गया था। जब वो दोनो कार में बैठने जा रही थी तो उन दोनो ने भी मुझे देखा और हँसने लगीं। फिर दोनो कार मे  बैठ गई. मै उनको देख रहा था. तभी मेरी नज़र रास्ते पर पड़ी एक चाभी पर गई. तो मै वो चाभी उठा कर उनको देने गया।

साड़ी वाली ने कहा- ये चाभी तो हमारी नहीं है, लेकिन अगर तुम आज के लिए हमारे होना चाहो तो हो सकते हो.
और उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और अपने स्तन पर रख लिया।मै अचकचा गया और बस उसकी तरफ अभी देख ही रहा था और अपना हाथ पीछे को खीचं रहा था।
वो बोली- क्या हुआ?? रहने दो ना यहीं पे.

तब तक मैं संभल चुका था और समझ भी गया था कि आज इन दोनों को फुल मस्ती करने का प्रोग्राम है.
मै बोला- मै इस सर्विस का चार्ज लेता हूँ !
तभी जीन्स वाली बोली- कितना भी ले लो…. पर अभी हमारे साथ चलो।

मेरी तो जैसे लाटरी निकल गयी थी. मै बोला- ठीक है. तुम लोग आगे चलो. मै बाइक से तुम्हारे कार के पीछे -पीछे आता हूँ.
लेकिन वो दोनों इस बात को नहीं मानी और कार में बैठकर चलने की जिद करने लगीं. मी इधर- उधर देखा तो थोड़ी दूर पे एक गैराज दिखा. मै बोला- ठीक है! मै अपनी बाइक को उस गैराज पे खड़ी करके आता हूँ.
उसने कहा- ठीक है. पर जल्दी आना.

मैंने बाइक को गैराज में देकर आया, ये कहकर की इसका मोबिल ऑइल चेंज कर दे मैं थोड़ी देर बाद आकर गाडी ले जाऊंगा.

इधर वो दोनो चुदासी लडकियाँ कार लेकर मेरे पास आ गईं. मैंने कार मे  बैठने से पहले उनसे पैसे माँगे। तब उसने 5000 रूपये दिए मेरे हाथ मे  दे दिए।

मै बोला- इतने मे  तो एक के साथ ही काम करूँगा।
उसने फिर से 5000 रूपये दि,. तब मै कार मे  बैठ गया. वो कार उसके रो-हाउस के पास ले गई।
रास्ते में हमारा परिचय हुआ. साड़ी वाली ने अपना नाम रोमा बताया और जीन्स वाली का नाम रूही था. रोमा तो साली रास्ते मे  ही चालू हो गई थी। हम दोनो पीछे बैठे थे और हम दोनो किस  भी कर रहे थे।

रो-हाउस पर पहुँचने के बाद अन्दर जाते ही रूही भी चालू हो गई।
उधर हम तीनों के अलावा दूसरा कोई नहीं था. रो-हाउस पूरा खाली पड़ा था। रोमा और रूही  मुझे बेडरूम में ले गईं और अपने-अपने कपड़े उतारने के बाद मेरे भी कपड़े उतारने शुरू कर दिए. एक मुझे किस कर रही थी और दूसरी मेरा 6″ लम्बा और 3″ मोटा लंड अपने मुँह मे  लेकर चूस रही थी।
कुछ देर बाद रोमा ने अपनी चूत मेरे मुँह पर रखा तो मैंने भी अपनी गर्म चूत का अनुभव करते हुए अपनी जीभ उसमे  डाल दी और उसे चाटने लगा। थोड़ी देर बाद उसने पानी छोड़ दिया. फिर वो मेरे लंड को चूसने बैठ गई।
तब रूही मेरे पास लेटकर 69 की अवस्था मे आ गई और बोली- ले अब मेरी चूत चूस.

तब मै भी उसकी ऊपर से चूत चूसने लगा. रोमा ने मेरा लौड़ा छोड़ कर मेरी गांड चूसना चालू किया.

कुछ देर बाद रूही ने भी पानी छोड़ दिया. अब रोमा मेरे बाजू मे  आई और बोली- चल
अब चूत की खुजली मिटा दे।
अब तक मेरा भी लंड पूरी तरह से टाइट हो गया था. तो मैने रोमा की गांड के नीचे एक तकिया रखा और उसकी चूत मे  लंड घुसाया. लंड घुसाने में ज्यादा तकलीफ़ नहीं हुई. पूरा लंड  उसकी चूत में जाने के बाद तो वो और भी मजा लेते हुए चिल्लाने लगी- आह.. आह.. आह.. बहुत मज़ा आ रहा.. आह.. हय.. आह.. आअहह.. ठोक साले ठोकू…

थोड़ी देर बाद उसे मैंने उसे घोड़ी बनाया और उसकी चूत मे  लंड घुसाया. 10-12 धक्के रोमा की चूत में मारने के बाद मैंने अपना लौड़ा निकल कर अचानक से उसकी गांड में घुसाया. तब वो ज़ोर से चिल्लाई।

रूही उसे चीखता देखकर हंसने लगी और मैंने भी रोमा की चिल्लाहट को अनसुना किया और हचक कर उसकी गांड मारने लगा.

तभी रूही बोली – मुझे तुम दोनो के नीचे आना है।

फिर क्या था? वो ऊपर की तरफ मुँह करके लेट गई और रोमा उसके ऊपर घोड़ी बन कर
उसे चूम रही थी।
मैंने लंड को फिर से घोड़ी बनी रोमा की चूत मै डाल दिया.

थोड़ी देर चोदने के बाद मैंने रूही की चूत के छेद में अपना लंड डाल दिया. वो बहुत जोर से चिल्लाई. उसकी चूत थोड़ी कसी हुई थी।

रोमा ने हँसते हुए कहा- मजा आया बेटा रूही? मेरी गांड फटने का तो बड़ा मजा ले रही थी.

अब मै दोनो को ही बारी बारी चोद रहा था। लंड को कभी रोमा की चूत में डालता तो कभी रूही की चूत में. अब वे दोनो अकड़ कर झड़ चुकी थीं और मै अभी भी धकापेल चुदाई में लगा हुआ था. फिर मैं भी झड़ने को हुआ……
मैंने लंड बाहर निकाल कर कॉन्डोम उतार दिया और  फिर दोनो के मुँह पर पानी छोड़ दिया।
वो दोनो भी  और मै भी बहुत खुश थे।
अब मेरा जाने का समय हो गया था तब रोमा ने मुझे 5000 रूपए और दे दिए. मैंने उनको अपना नम्बर और ईमेल आई डी और फिर  कभी याद आने पर कांटेक्ट करने को बोला। रूही ने मुझे वापिस गैराज तक छोड़ दिया और मुझे एक किस करके चली गयी.

[email protected]

 

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