वो लड़का और मैं

अब वह हरामी मेरे सामने ही खुद भी नंगा हो गया था. जब मैंने अपनी आंखें खोल कर देखा तो मेरी आंखें फटी की फटी रह गई. क्योंकि उसका लन्ड मेरी आंखों के सामने था. उसका लन्ड करीब एक फिट लम्बा और तकरीबन 3 इंच मोटा था. जिसे देख कर मैं समझ गई कि रेखा अब तो तू गई आज यह हरामी तुझे नहीं छोडेगा…

हेलो दोस्तों, मेरा नाम रेखा शर्मा है और मैं शहर की रहने वाली हूँ. मेरा रंग गोरा है और मेरा पूरा शरीर भरा हुआ है. मेर बूब्स भी काफी बड़े – बड़े हैं और मैं देखने में भी बहुत खूबसूरत हूँ.

यह बात तो हुई मेरे बारे में अब मैं अपनी कहानी पर आती हूँ. हमारे शहर मे एक इंजीनियरिंग कॉलेज है. उस कॉलेज में बहुत से लड़के पढ़ते हैं. हमारा घर उस कॉलेज से करीब 1 किलोमीटर दूर है. कॉलेज के कुछ लड़कों ने हमारे घर के पास ही रूम ले रखा है. उनमें से एक लड़का हमारे घर से ही दूध लेता है. उसका नाम रोशन था.

वो जब भी मेरे घर पर दूध लेने आता तो सिर्फ मुझे ही देखता था और देखता ही रहता था. मैंने पहले तो उस पर ध्यान नहीं दिया, मगर जब भी वह मुझे देखता था तो वह मुझे एक प्यारी सी मुस्कान दे देता था.

यह सब यूं ही चलता रहा और एक दिन वो मुझ से बोल – रेखा जी, आप बहुत सुन्दर हो.

उसके मुंह से ये सुन कर मैं तो शर्म से लाल ही हो गई थी. अब दिन ऐसे ही बीतते गये. वो आता दूध लेता मेरी तरफ देख कर मुस्कराता और चला जाता. जब भी वो जाने लगता तो मैं भी मुस्करा देती थी. अब वह भी मुझे अच्छा लगने लगा था. कुछ दिन बीतने के बाद एक दिन उसने मुझसे हिम्मत करके बोल ही दिया. उसने मुझसे कहा, “रेखा आई लव यू”.

यह सुन कर मुझे तो चक्कर ही आने लगा था. जिससे मैं कुछ कह ही नहीं पाई और वह मुझे अपना मोबाइल नम्बर दे कर चला गया. इसके बाद एक – दो दिन तो वो आया ही नहीं. अब मैंने उसके मोबाइल पर फोन किया तो उसने मुझे बताया कि वह डर गया था, इसीलिए नहीं आ रहा था. इस पर मैंने हंस दिया तो अब उसका डर जाता रहा और उसने मुझे फिर से ‘आई लव यू’ बोला. जिस पर मैंने भी ‘लव यू टू’ कह दिया.

मेरे आई लव यू बोलने से वो बहुत खुश हुआ. फिर वह दूसरे दिन ही दूध लेने आ गया. उस दिन मेरी मम्मी घर पर नहीं थीं तो उसने मुझे घर पर ही एक किस कर ली और दूध लेकर चला गया. अपने रूम पहुंच कर उसने मुझे फोन किया कर बोला – तुझे अच्छा लगा?

तो मैं शरमा गई और कुछ न बोली, बस थोड़ा सा हंस दी. मेई हंसने से शायद वो मेरी बात समझ गया था कि मुझे बुरा नहीं लगा. जिससे वो बोला कि अब मैं रात को आऊंगा.

अब मैं न चाहते हुए भी उसका इन्तजार करने लगी. चूंकि उस दिन मेरी मम्मी भी घर पर नहीं थी इसलिए वह रात को 10 बजे मेरे घर आया और मैंने दरवाजा खोल दिया. अंदर आकर वह मुझे चूमने और चाटने लगा. उसके ऐसा करने में मुझे शर्म आ रही थी और मैं शर्म से लाल हो रही थी.

फिर इसी बीच उसने मुझे मेरे बिस्तर पर लेटा दिया और खुद मेरे पास आ गया और बोला तुम मुझसे प्यार करती हो? तो मैं कुछ न बोल सकी बस हल्के से हंस दी. जिससे वो समझ गया था कि मेरे अंदर भी कुछ – कुछ हो रहा है. अब वह मेरे पास आकर मेरे मुंह पर हाथ फेरता हुआ मेरे होंठों को अपने होंठों में ले कर चूसने लगा और उसने मेरे गुलाबी होंठों को चूस – चूस कर लाल कर डाला.

अब वह कपड़ों के ऊपर से ही मेरे बूब्स दबाने लगा और फिर उसने मेरे कपड़े निकालना शुरू कर दिया. पहले तो उसने मेरी कमीज निकाल दी और फिर मेरी ब्रा भी निकाल दिया. मेरा तो हाल बुरा होता जा रहा था. जिससे मैं उसे रोक रही थी. मगर वो रूकने का नाम ही नहीं ले रहा था.

अब फिर उसने मेरी सलवार खोलने लगा और मैं कुछ भी न कर पाई. फिर अंत में उस हरामी ने मेरी चड्ढी भी निकाल दी और मैं एक बेसहारा बकरी की तरह कभी अपना मुंह छुपाती तो कभी अपनी बिना चुदी हुई चुत को और कभी अपने बोबों को छुपाने का असफल प्रयास करती.

अब वह हरामी मेरे सामने ही खुद भी नंगा हो गया था. जब मैंने अपनी आंखें खोल कर देखा तो मेरी आंखें फटी की फटी रह गई. क्योंकि उसका लन्ड मेरी आंखों के सामने था. उसका लन्ड करीब एक फिट लम्बा और तकरीबन 3 इंच मोटा था. जिसे देख कर मैं समझ गई कि रेखा अब तो तू गई आज यह हरामी तुझे नहीं छोडेगा.

फिर वो मेरे पास आया और मुझे बिस्तर पर लेटा कर खुद मेरे मुंह में अपनी जीभ घुसा कर चूसने लगा. मैं आंखें बन्द करके पड़ी रही और वो एक हाथ से मेरे बूब्स दबा रहा था और एक हाथ से मेरी छोटी सी चूत को सहला रहा था. अब मुझे भी मजा आ रहा था और मैं अपनी आंखें बन्द करके मजा ले रही थी.

अब वह धीरे – धीरे मुझे चाटने लगा और मेरे बोबे को अपने मुंह में ले कर चूसने लगा और फिर धीरे – धीरे मेरे पेट को और फिर मेरे जांघों को चाटने लगा. फिर उसने मेरे पैरों को चौड़ा किया और मेरी चूत के पास आ गया और उसे देख कर अपने मुंह से थोड़ा सा थूक निकाल कर मेरी चूत पर डाल कर उसी थूक को चाटने लगा.

वह एक हाथ से मेरे बोबे को भी भींच रहा था और मैं पड़ी – पड़ी आह आह ओह ओह कर रही थी. दूसरी तरफ वह हरामी मेरे पूरे शरीर को चाटने में लगा हुआ था. फिर वह मेरे पास आया और बोला कि तुम मुझसे से प्यार करती हो? तो मैंने हां में अपना सर हिला दिया. तो वो बोला कि अब तुम्हें मेरा लौड़ा चूसना पड़ेगा. इस पर मैंने मना कर दिया. तो वो बोला – फिर मै जा रहा हूँ.

यह बोल कर वो रोने लगा. तो मैंने हां कर दिया. जिससे उसके मुंह पर रवानगी आ गई और फिर वो मुझे बहुत जोर से भींचने लगा और अपना मोटा काला लन्ड मेरे मुंह के पास लाया और उस काले सांप से कभी मेरे मुंह पर तो कभी आंखों पर तो कभी मेरे गाल पर टच करने लगा.

यह सब करना मुझे बहुत बुरा लग रहा था. मगर प्यार के लिए करना पड़ रहा था. इसलिए मैं अपनी आंखें बन्द करके पड़ी रही और वो मेरे मुंह पर अपना लन्ड मारता रहा और मैं बिना किसी विरोध के मरवाती रही. इसके अलावा और मैं कर भी क्या कर सकती थी.

मगर तभी मेरी चूत में न जाने क्या हुआ! उसमें खुजली सी होने लगी और गुदगुदी सी होने लगी. फिर वो मेरे मुंह में अपना मोटा काला लन्ड घुसा दिया. वो लंड मेरे मुंह में नहैं जा रहा था मगर उसने अपनी ताकत से मुंह में घुसा दिया और मैं उसे चूसने लगी. अब वो बड़े प्यार से मेरे मुंह को चोदने लगा. शायद उसका वीर्य से पहले जो पानी निकलता है वो निकल रहा था.

मैं उसे चाट रही थी. फिर कुछ देर बाद उसने लन्ड को मुंह से निकाल कर मेरी चूत में सेट कर दिया और अंदर डालने की कोशिश करने लगा. मगर उसका मोटा लन्ड मेरी कुंवारी चूत में नहीं घुस रहा था. फिर उसने पास में पड़ी तेल की बोतल उठाई और तेल को मेरी चूत पर उड़ेल दिया. इसके बाद एक जोरदार झटका दिया और उसका लन्ड मेरी चूत की सील तोड़ता हुआ अंदर घुस गया.

मुझे बहुत दर्द हुआ और मेरी आंखों से आंसू निकलने लगे. अब वो लगातार झटके पर झटके मारता रहा. कुछ देर बाद अब मुझे भी मज़ा आने लगा और मैं भी नीचे से अपनी चूत उठाने लगी. फिर करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद वह मेरी ही चूत में झड़ गया. इस दौरान मैं भी दो बार झड़ चुकी थी.

इसके बाद वो उठा और मुझे किस करके चला गया. लेकिन मैं बिस्तर पर ही पड़ी रही. मुझे अभी भी दर्द हो रहा था. उसके बाद हमने फिर से कई बार चुदाई की, लेकिन वो कहानी फिर कभी.

आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी. मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *