वाटर पार्क में मिली भाभी घर पर चुदी

मैं सेकेंड ईयर का एग्जाम देकर फ्री हो गया. एग्जाम के बाद मैं घूमने के लिए एक वाटर पार्क गया. वहीं पर मुझे सीमा भाभी मिलीं. जिन्हें पटा कर किस तरह मैंने चोदा ये मेरी इस कहानी में आप सब को जानने को मिलेगा…

हेलो दोस्तों, मैं ललित पंजाबी आप सब के सामने चुदाई की एक सच्ची कहानी लेकर हाजिर हूँ. दोस्तों, मेरे लन्ड की लम्बाई 8 इंच और मोटाई 3 है. मैं अभी बीकॉम कर रहा हूँ. अब आप लोगों को ज्यादा बोर न करते हुए सीधे अपनी कहानी पर आता हूँ.

मेरी यह कहानी 4 महीने पहले की है. कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं आप सब को सीमा भाभी के बारे में बता देना चाहता ताकि आप लोग उनको इमेजिन करके मज़ा ले सकें. वह बहुत ही क्यूट और डैसिंग थीं. उनकी उम्र 28 साल थी और उनका 32 26 30 का फिगर गजब ढा रहा था.

मेरा सेकेंड ईयर का एग्जाम खत्म होने के बाद छुट्टियां शुरू हो गई थीं. फिर मैंने 2 दिन बाद दोस्तों के साथ पुणे हाईवे पर स्थित एक वाटर पार्क जाने का प्लान बनाया.

उस दिन रविवार था. जब हम वाटर पार्क पहुंचे तो काफी भीड़ थी. वहां पर तमाम लड़कियां और आंटियां थीं. कुछ फॉरेनर्स भी वहां पर थे. वे सब स्विम सूट पहन के घूम रहे थे. हम भी घूमने लगे.

इसी बीच मेरी नज़र एक फैमिली पर पड़ी. उनके साथ एक भाभी थीं, जो काफी देर से मुझे घूर रही थीं. फिर वो जहां जातीं मैं भी उनके पीछे वहीं जाता और उन्हें देखता रहा लेकिन कहा कुछ नहीं. वो भी मुझे लगातार नोटिस कर रही थीं.

फिर जब हम लंच करने कैंटीन पहुंचे तो मुझे अकेले पाकर उन्होंने मुझसे कहा – मैं ये नोटिस कर रही हूँ कि आप मुझे काफी देर से देख रहे हैं. तब मैंने भी कह दिया कि आप हो ही इतनी सुंदर कि कोई भी आपको देखेगा ही.

तब सीमा बोलीं – मेरी शादी हो गई है और अभी मेरा 4 साल का एक बेटा भी है. ऐसे में मुझे देखने से कोई फायदा नहीं.

मैंने कहा – शादी के बाद तो लड़की और भी खूबसूरत हो जाती है और बिल्कुल आपकी ही तरह लगती है.

इस पर वो गुस्से से मुझे देखने लगीं और अपना लंच लेकर चली गईं. इसके बाद मैंने भी अपने दोस्तों, को बुलाया और कैंटीन में ही लंच किया. अब मैं भाभी को नज़र नहीं आ रहा था. वो गुस्सा होकर जरूर गईं थीं लेकिन उनकी नज़रें अभी भी मुझे खोज रही थीं.

कुछ देर बाद जब फिर वो अकेले हुईं तो मैं फिर उनके पास गया तो उन्होंने सॉरी बोला. इस पर मैंने कहा – कोई बात नहीं. फिर हम दोनों मुस्कुराने लगे. इसके बाद मैंने फिर से कहा कि आप सच में बहुत खूबसूरत और सेक्सी हैं. यह सुन कर उन्होंने नॉटी स्माइल दी और फिर शर्माते हुए वहां से उठ कर चली गईं.

शाम में 5 बजे के करीब जाते समय वो फिर से मुझे दिखी. मैंने इशारे से फ़ोन नम्बर मांगा तो उसने एक कागज पर लिखा और मौका देख कर मुझे दे दिया.

फिर अगले दिन मैंने उसे व्हाट्सऐप पर मैसेज किया. इसी के साथ हमारी बातें शुरू हो गईं. हमने बहुत सारी बातें की. फिर मैंने उससे उसका ऐड्रेस पूछा तो उसने बताया कि वह औरंगाबाद की है. इस पर मैंने भी उसे बताया कि मैं भी वहीं रहता हूँ. फिर उसने अपना फैमिली बैकग्राउंड बताया.

उसने बताया कि उसका हसबैंड देश की एक फेमस आईटी कम्पनी में जॉब करता है. वो अपने पति और बेटे के साथ अकेले एक फ्लैट में रहती है. उसने ये भी बताया कि उसका बेटा किड्स स्कूल में पढ़ता है ऐसे में वह अधिकतर समय घर पर अकेले ही रहती है.

यह सुन कर मैं खुश हो गया और उससे मिलने के लिए कहा. वह राजी हो गई. फिर हमने अगले दिन सीसीडी कैफे में मिलने का प्लान बनाया. हम मिले. साथ में कॉफी पी. इसके बाद बाहर निकल कर उसे मेरी बाइक में बैठने को कहा.

वो थोड़ा घबरा रही थी. लेकिन जब मैंने फिर कहा तो बैठ गई. वो ऐसे बैठी थी कि उसके बूब्स मेरी पीठ को टच कर रहे थे. मैंने खुद पर काफी कंट्रोल किया और इस तरह लांग ड्राइव की. इसके बाद मैंने उसे उसके फ्लैट पर ड्रॉप करने को कहा तो उसने हां कर दी.

फिर जब हम वापस आ रहे थे तो उसने अचानक उसने मुझसे पूछ लिया कि मुझे घुमाने में मज़ा तो आ रहा है न? मैंने कहा – हां, बहुत मज़ा आ रहा है. इस पर उन्होंने मेरे पेट में चुटकी काट ली. तब तक हम उनके फ्लैट के पास पहुंच गए थे. फिर उन्होंने मुझे अंदर बुलाया और बैठने को कहा. उनके हसबैंड को आने में अभी दो घण्टे बाकी थे.

मैं जाकर बैठ गया. फिर भाभी भी मेरे साथ बैठ गईं और बातें करने लगीं. उन्होंने मुझसे मेरी कॉलेज लाइफ के बारे में पूछा तो मैं बताता रहा. फिर उन्होंने मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछा. इस सवाल पर मैं कुछ देर तक उनके चेहरे को देखता रहा. थोड़ी देर बाद मैंने कहा कि जिसके पास आपकी जितनी खूबसूरत भाभी हो उसे गर्लफ्रेंड की क्या जरूरत.

यह सुन कर नॉटी स्माइल देते हुए वे मेरे पास आईं और मेरे गाल पर एक किस कर लिया. मैं बहुत खुश हुआ लेकिन हमारे बीच इससे ज्यादा कुछ न हुआ. फिर कुछ देर बाद मैं अपने घर चला गया और वहां पहुंच कर उनके नाम की मुठ मारी.

इसके बाद रात को मैंने मैसेज पर भाभी के साथ बहुत फ्लर्ट किया. इसी बीच उन्होंने मुझे अगले दिन सुबह 10 बजे अपने घर पर इनवाइट किया. यह सुन कर मैं खुश हो गया. मैं समझ गया कि अब कुछ हो सकता है. फिर हम सो गए.

अगले दिन मैं निर्धारित समय पर उनके घर पहुंच गया. उस टाइम वो नहाने जा रही थीं. उन्होंने मुझे सोफे पर बैठने को कहा और नहाने चली गईं. जब वो नहा कर निकलीं तो उनके बाल भीगे हुए थे और वह कमाल लग रही थीं. उन्हें इस रूप में देख कर मेरा लन्ड टाइट हो गया और पैंट के ऊपर साफ दिख रहा था. इसे उसने भी नोटिस किया और फिर चेंज करने बेडरूम चली गई.

थोड़ी देर बाद उसने मुझे आवाज दी. अंदर जाने के बाद उसे देख के मैं खुश हो गया. ऊपर उसने सिर्फ ब्रा पहन रखा था और नीचे टॉवल लपेट रखा था. मैं समझ गया कि अब तो पक्का कुछ होगा. मुझे अंदर देख के उसने कहा कि मेरी ब्रा का हुक बन्द कर दो नहीं हो रहा है.

फिर मैंने उनका हुक बन्द किया और उनके कंधे पर एक किस कर लिया. मेरे ऐसा करने पर उन्होंने आंखें बन्द कर ली. यह देख मेरी हिम्मत बढ़ गई. फिर मैंने उन्हें गोद में उठाया और बेड पर लिटा दिया और किस करने लगा. वो भी मज़ा ले रही थीं.

उन्हें किस करते – करते मैंने अपना एक हाथ उनकी चूत पर रखा और रब करने लगा. इससे वो गर्म होने लगीं और कहने लगीं – प्लीज, ऐसा मत करो प्लीज. लेकिन मैं नहीं माना.

फिर मैंने उनकी ब्रा के ऊपर से उनके बूब्स चूसने लगा. कुछ टाइम बाद मैंने उनके सारे कपड़े उतार दिए. अब वो बिल्कुल नंगी हो गईं. शेव की हुई उनकी गुलाबी चूत देख कर मैं पागल हो गया. फिर मैंने अपनी जीभ उनकी चूत पर लगाई और चाटने लगा. कुछ देर में वो झड़ गईं. मैं उनका सारा पानी पी गया.

अब वो चुदाई के लिए पूरी तरह तैयार थीं. फिर बोलीं – अब और मत तड़पाओ, बस जल्दी से अंदर डाल दो. इतना कह कर उसने मेरी पैंट में अपना हाथ डाल दिया और लन्ड को पकड़ कर हिलाने लगीं.

थोड़ी देर बाद उन्होंने मेरे कपड़े उतार दिए. अब मेरा लन्ड उनके सामने था. उसे देख के वह पागल हो गईं और फिर मुंह में लेकर चूसने लगीं. कुछ देर लन्ड चुसाने के बाद मैंने उनकी दोनों टांगों को फैला कर लन्ड चूत पर रख दिया और उसी से सहलाने लगा. मेरे ऐसा करने से वे आंख बंद करके मोन करने लगीं.

अब मुझसे भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था तो मैंने हल्का सा एक धक्का दे दिया. मेरा आधा लन्ड उनकी चूत में चला गया. उन्हें तेज़ दर्द हुआ और चीख पड़ीं. थोड़ा आराम होने पर उन्होंने कहा कि धीरे से करो दर्द हो रहा है.

दोस्तों, उनकी चूत बहुत टाइट थी. ऐसा लग रहा था कि वह बहुत दिनों से अपने पति से चुदी नहीं हैं. कुछ और आराम मिलने पर मैंने दूसरा झटका दिया और इस झटके के साथ मेरा पूरा लन्ड उनकी चूत में घुस गया. इस बार उन्हें और तेज दर्द हुआ लेकिन वह चिल्लाईं नहीं बस मुझे तेजी से दबा लिया. फिर मैंने धक्के लगाना स्टार्ट कर दिया. अब उन्हें भी मज़ा आ रहा था और वह कमर उछाल कर चुदवाने लगी थीं.

धीरे – धीरे मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी. मेरी स्पीड के साथ उनके मुंह से निकल रही मादक आवाजें भी बढ़ रही थीं. वो और जोर से चोदने के लिए कह रही थीं. अब मैं भी पूरी स्पीड से चुदाई कर रहा था. इस बीच वो 2 बार झड़ चुकी थीं.

करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने उन्हें बताया. इस पर उन्होंने अंदर ही झड़ने को कहा. फिर 7-8 जानदार धक्कों के बाद मैं उनकी चूत में झड़ गया. मेरे पानी छोड़ते ही उन्होंने अपनी आंखें बंद कर ली और चूत को सिकोड़ कर लन्ड को दबा लिया. कुछ देर बाद उन्होंने अपनी आंखें खोली और कहा ऐसा लग रहा है जैसे किसी ने गर्म लावा मेरे अंदर डाल दिया हो. यह सुन कर मैं खुश हो गया.

उस दिन हमने दो बार चुदाई की एयर शॉवर भी साथ में लिया. नहाते टाइम मैंने उन्हें बहुत स्मूच किया. इससे वो फिर से गर्म हो गईं और उनकी चूत पानी छोड़ने लगी. फिर मैंने उन्हें घोड़ी बना कर वहीं पर चोदने लगा. करीब 20 मिनट बाद दोनों साथ में ही झड़ गए. फिर नहाने के बाद बाहर आए और पूरा समय किस करते हुए टाइम पास करते रहे.

फिर शाम को उसके हसबैंड के आने से पहले मैं अपने घर चला गया. दोस्तों, 4 महीने बीत गए हैं लेकिन हमें अब भी जब मौका मिलता है हम सेक्स जरूर करते हैं. आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

“वाटर पार्क में मिली भाभी घर पर चुदी” पर एक उत्तर

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *