वाइफ स्वैपिंग की कामना भाग – 3

तब उसे एक तरकीब सूझी. उसने फेसिअल के बहाने इशिता के मुंह पर केमिकल लगाने का सोचा. जिससे उसका चेहरा बिगड़ जाये और आरव उसका मुंह देखना भी पसंद न करे और फिर वह मेरे पास ही रहेगा. इस गड़बड़ी का सारा दोष मैं प्रोडक्ट पर डाल दूंगी और बोल दूंगी कि प्रोडक्ट उसकी स्किन को सूट नहीं किया और रिएक्शन हो गया…

इस कहानी का पिछला भाग – वाइफ स्वैपिंग की कामना भाग – 2

अभी तक अपने पढ़ा कि कैसे एक सड़क दुर्घटना में मिलन की मृत्यु हो गई है. अब आगे-

एक बार इशिता 2-3 दिन के लिए अपने मायके गयी थी. तब आरव का नैना के घर पर ही खाना वगैरह होता था. तब वह रात को वहीं रुकता था. फिर नैना और आरव दोनों भरपूर चुदाई करते थे. 3 दिन तक ये खेल चलता रहा. एक रात को दोनों चुदाई खत्म करके बातें कर रहे थे तब नैना ने आरव से कहा – डार्लिंग, तुम इशिता को छोड़ दो.

आरव – हट, बड़ी चुदक्कड है रे तू.

नैना बोली – क्यों न हम दोनों शादी कर लें. मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ और तुम्हारे बच्चे की माँ बनना चाहती हूँ.

यह सुन कर आरव बोला – पागल जैसी बातें मत करो, मैं इशिता को क्यों छोड़ दूं. मैंने उस से शादी की है कोई खेल थोड़ी खेला है.

अब नैना बोली – तो क्या मैं इशिता जितनी खुबसूरत नहीं हूँ?

आरव बोला – ऐसी बात नहीं है, तुम पागलपन दिखा रही हो.

अब नैना गुस्सा होकर बोली – अगर मैं इशिता को मार दूं तो? तब तो तुम मुझसे शादी करोगे ना?

अब आरव पूरे गुस्से में आकर नैना को धक्का दिया और उठ कर जाने लगा. तब नैना ने उसका हाथ खींच के रोका और बोली, “अरे बाबा मैं तो मजाक कर रही थी”.

आरव गुस्से में ही बोला – ऐसा मजाक मुझे कतई नहीं पसंद. दोबारा ऐसा मज़ाक न करना.

तो नैना बोली – ठीक है बाबा सॉरी, अब नहीं बोलूंगी.

आरव नहीं जानता था कि नैना के दिल में उसे पाने की इतनी आश है जिसके लिए वह कुछ भी कर सकती है. उसके बाद जब इशिता और नैना मिलीं तब मजाक – मजाक में नैना ने इशिता से कहा कि इशिता, तुम आरव को छोड़ दो तुम्हें तो कोई भी अच्छा लड़का मिल जायेगा.

तब इशिता ने बात को हल्के में लेकर कहा, “मुझे तो आरव ही चाहिए”.

उसका जवाब सुन कर नैना बोली – और मुझे भी

इशिता ने उसकी बात सुन ली और हंस कर बोली, “कोई नहीं, हम मिल बांट के खाएंगी” और फिर दोनों हंसने लगीं पर नैना के दिमाग में आरव को पाने की चाह बढ़ने लगी थी. उसके दिमाग में इशिता को मारने और आरव को उससे अलग करने की तरकीबें सूझने लगी थीं पर इशिता उसकी सहेली थी इसलिए वह उसे मारना नहीं चाहती थी लेकिन वह कुछ ऐसा जरूर करना चाहती थी कि आरव उसे छोड़ दे.

तब उसे एक तरकीब सूझी. उसने फेसिअल के बहाने इशिता के मुंह पर केमिकल लगाने का सोचा. जिससे उसका चेहरा बिगड़ जाये और आरव उसका मुंह देखना भी पसंद न करे और फिर वह मेरे पास ही रहेगा. इस गड़बड़ी का सारा दोष मैं प्रोडक्ट पर डाल दूंगी और बोल दूंगी कि प्रोडक्ट उसकी स्किन को सूट नहीं किया और रिएक्शन हो गया.

ऐसा कुछ होना ही था. एक दिन इशिता ने नैना को वैक्स और फेसिअल के लिए अपने घर बुलाया. अब प्लान के मुताबिक नैना, इशिता के घर गयी और इशिता के हाथ और पैरो का वैक्स किया और उसके चेहरे पर फेसिअल करने के बाद अंत में उसके चेहरे पर केमिकल वाला मास्क लगा दिया और फिर उससे बोली कि मैं निकल रही हूँ तुम 15 मिनट के बाद इसे धो देना और ध्यान रहे 15 मिनट से ज्यादा ना हो वरना स्किन डैमेज हो सकती. फिर इशिता से इतना बोल कर नैना अपने घर के लिए निकल गयी.

5 मिनट के बाद केमिकल ने इशिता के चेहरे पर असर करना शुरू कर दिया. उसे चेहरे पर जलन होने लगी तो इशिता ने अपना मुंह धो डाला. लेकिन अब क्या था! अब तो केमिकल स्किन के अन्दर उतर गया था.

थोड़ी देर में इशिता का चेहरा लाल हो गया और उसके चेहरे पर फफोले पड़ गए. अब इशिता ने तुरंत ही नैना और आरव दोनों को फोन किया. यहा इशिता को इतनी जलन हो रही थी कि उससे रहा नहीं जा रहा था. दोनों जल्दी ही घर आ गए और फिर इशिता को हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया.

वहां डॉक्टर ने बताया कि उसकी स्किन पर केमिकल रिएक्शन हुआ है. तो नैना दुखी चेहरा बनाते हुए बोली कि मैंने इशिता को बोला ही था कि इसे 15 मिनट के अन्दर ही धो देना लेकिन उसकी स्किन इसे सहन नहीं कर पायी और इसके चेहरे का ये हाल हो गया.

इशिता का ये हाल देख कर नैना मन ही मन बहुत खुश थी. डॉक्टर ने बताया कि अब इसका चेहरा ऐसा ही रहेगा. यह सुन कर इशिता खूब रोने लगी तो आरव बोला – रो क्यों रही है पगली, मैं तुम्हारे चेहरे से थोड़ी प्यार करता हूँ मैं तो तुमसे प्यार करता हूँ.

यह सुन कर नैना को थोड़ा झटका सा लगा. उसने सोचा कि मतलब अब भी आरव मेरा नहीं होगा. ठीक है न हो. लेकिन वो मेरे जलवे से कैसे बच सकेगा!

जब इशिता को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया गया और आरव फीस भर रहा था तब उसने देखा कि नैना एक आदमी से बात कर रही थी. जब वह आदमी चला गया, तब आरव ने नैना से उसके बारे में पूछा. आरव द्वारा अचानक पूछे जाने पर नैना हड़बड़ा गयी और बात छुपाते हुए बोली, “कोई नहीं, उसे थोड़े पैसे की जरूरत थी तो बस हेल्प मांग रहा था”.

इतना कह कर नैना इशिता के पास चली गयी. आरव को लगा कि शायद उस आदमी को हॉस्पिटल के काम के लिए पैसे की जरूरत हो तो मैं इशिता के नाम से दान करना चाहूँगा ताकि इशिता जल्द ही ठीक हो जाये.

तब आरव उस आदमी के पीछे गया और उससे बोला भाई साहब, हॉस्पिटल में आपकी पहचान का कोई एडमिट है क्या? तो वह आदमी मुड़ा और बोला, “जी हां साहब, मेरी पत्नी है”.

तो आरव बोला कि कितने पैसे की जरुरत है? तो आदमी ने कहा 30 हजार रुपये चाहिए साहब. जब आरव ने निकाल के पैसे दिए तब वह आदमी रोने लगा. उसे रोता देख आरव बोला – मैं आपका दुख समझ सकता हूँ मेरी भी बीबी इसी हॉस्पिटल में भर्ती है. आप ये रुपये लीजिये और अपनी बीबी का ठीक से इलाज करवाईए.

फिर आरव वापस जाने के लिए मुड़ा लेकिन तभी कुछ उसे ध्याम में आया और आरव घूम कर उससे पूछ लिया, “आप उस औरत से पैसे क्यों मांग रहे थे? आप जानते है उसे?”

तो वह आदमी बोला, “जी हां साहब, मैं एक केमिस्ट फैक्ट्री में काम करता हूँ और वह औरत मेरे पास से केमिकल लेकर गयी थी. अब जब यह औरत यहां दिखी तो मैंने सोचा कि जब इसको जरूरत थी तो मैंने इसकी मदद की थी इसलिए अब शायद यह भी मेरी मदद करेगी पर उसने मुझसे कह दिया कि दोबारा मेरे सामने भी मत आना निकल जाओ यहां से मैं तुम्हे नहीं जानती.

अब आरव को थोड़ी भनक हुई और फिर उसने उस आदमी से पूछा कि कौन सा केमिकल लेकर गयी थी? तब उस आदमी ने बताया कि उसे ऐसा केमिकल चाहिए था, जिससे किसी की मौत न हो पर बाल और खाल को काफी नुकसान हो जाए.

उसकी बात सुन कर आरव को पूरी बात समझ में आने लगी फिर आरव ने उस आदमी को बोला, “ठीक है आप जाओ और देखिये मैंने आपकी मदद की पर आप ऐसी मदद किसी की दोबारा न किजिएगा जिससे किसी को नुकसान हो. ऊपर वाला सब देखता है आपने बुरा किया तो आपके साथ भी अंजाम बुरा ही हुआ.

अब वह आदमी बोला, “जी साहब, अब मैं कभी ऐसा नहीं करूंगा. मेरी आज आँखें खुल गईं”.

फिर जाते – जाते वह आदमी बोला – साहब, जब मैंने उस औरत से पूछा कि ये केमिकल क्यों चाहिए तो उसने सिर्फ ये बोला था कि किसी को पाने के लिए और फिर थोड़ा रुक कर बोली कि तुम्हें इससे क्या मतलब, तुम बस अपना काम करो.

अब आरव को पूरी बात समझ में आ गयी तो आरव ने भी जाते – जाते उस आदमी से बोला कि तुमने जो केमिकल दिया था उसका इस्तेमाल मेरी बीबी पर हुआ है और आज वह हॉस्पिटल में एडमिट है.

यह सुन कर वह आदमी आरव के पैरों में पड़ गया, रोने लगा और माफी मांगने लगा और फिर बोला, “मैंने आपके साथ बुरा किया फिर भी आप मेरा भला कर रहे है?”

तो आरव बोला – क्योंकि अगर आज मैं आप के साथ बुरा करता हूँ तो उसका अंजाम भी बुरा ही होगा. कभी न कभी मुझे वह भुगतना पड़ेगा. इसलिए मैंने आपको माफ़ किया. अब जाईए आप और अपनी बीबी का इलाज करवाईए.

फिर आरव इशिता को हॉस्पिटल से लेकर घर आया और इसके 2-3 दिन बाद आरव ने अपना ट्रान्सफर दूर दूसरे शहर में करवा लिया और अचानक से दोनों ने उस शहर को छोड दिया.

उसके के बाद जब नैना, आरव के घर पर आई तो देखा कि उसके घर पर ताला लगा हुआ था तो जब उसने पड़ोसी से पूछा तो उसे पता चला कि वह लोग शहर छोड़ चुके हैं.

यह जब नैना ने आरव को फोन लगाया तो आरव ने फ़ोन उठाया और उससे कहा, ‘नैना हमने तुमको हमारी फ्रेंड माना था और तुमने हमारे साथ ही ऐसा किया?”

आरव के मुंह से सीधे यह सुन कर नैना को सब समझ में आ गया. फिर थोड़ी देर रुक कर आरव बोला, “तुम्हें क्या लगता है, तुम इशिता के चेहरे को बिगाड़ दोगी तो मैं तुम्हारा हो जाऊंगा? तुम गलत थी. मैं इशिता से प्यार करता हूँ उसके रूप से नहीं.

यह सुन कर नैना बोली, “मुझे माफ़ कर दो मैं तुम्हारे प्यार में अंधी हो गयी थी मुझे माफ़ कर दो प्लीज”. तो आरव बोला, “ठीक है, मैंने तुम्हें माफ़ किया लेकिन अब से तुम हमें संपर्क करने की कोशिश मत करना क्योंकि अब से मैं यह नंबर भी बंद कर रहा हूँ. अब तुम अपनी जिंदगी जिओ और हम हमारी”. फिर इतना कह कर आरव ने फोन काट दिया.

अब 5 साल से ज्यादा का समय हो चुका है. आज आरव और इशिता दोनों ख़ुशी से अपनी जिंदगी जी रहे हैं. आरव ने इशिता की प्लास्टिक सर्जरी करवा दी है और अब इशिता पहले जैसी ही खूबसूरत लगने लगी है.

दूसरी तरफ नैना भी अब अपना ब्यूटी पार्लर संभाल रही है और एक बच्चे की माँ है जिसका पिता आरव है और नैना आज भी आरव की सुहागन बन कर जी रही है.

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