पड़ोसी भाभी प्लान बनाकर मुझसे चुदी

फिर उसने भी झपट कर मेरी टी-शर्ट को उतार दिया. फिर मैंने उसे प्यार से उठाया और बेड पर ले जाकर लेटा दिया. अब मैं उसके बूब्स और गर्दन पर किस किए जा रहा था और साथ ही उसके बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही दबाए जा रहा था. उसका दूध जैसा शरीर अब सुर्ख लाल होने लगा था… Continue reading “पड़ोसी भाभी प्लान बनाकर मुझसे चुदी”

बांग्लादेशी माल को गुजराती लौंडे ने चोदा

उसके कहने के बाद भी मैं नहीं रूका और उसकी गर्दन और उसके कानों को चूमे जा रहा था. उसने मेरे से छुटकारा पाने की काफी कोशिश की लेकिन मैंने उसको कस कर पकड़ रखा था. करीब 10 मिनट के बाद उसने छूटने की कोशिश कम कर दी थी क्योंकि अब उसे भी मजा आ रहा था… Continue reading “बांग्लादेशी माल को गुजराती लौंडे ने चोदा”

भाभी की अधूरी प्यास

अब भाभी बोली कि मतलब तू रात को भी देखता है और गुस्सा होकर फिर कुछ बोलने ही वाली थी कि मैंने कुछ सोचे बिना ही उनको पकड़ा औऱ उनके होंठ चूसने लगा. भाभी अब विरोध करती रही औऱ गाली देती रही कि तुम दोनों भाई छक्के हो. लेकिन फिर भी मैंने उनको नहीं छोड़ा औऱ चूमता रहा… Continue reading “भाभी की अधूरी प्यास”

उसकी वासना बस एक बार तक

अब मुझसे रुका नहीं जा रहा था. मैंने अपने आप को रोकने की भरसक कोशिश की पर मैं सफल नहीं हो सका और मैंने उसका एक बोबे को दबा दिया. ये देख कर वो खड़ी हो गयी तो मैं घबरा गया और माफ़ी मांगने लगा लेकिन उसने कहा, “बस, अब कुछ मत कहो, तुम्हें नहीं पता कि मैं कितनी प्यासी हूँ. अब बस मेरी प्यास बुझा दो, बस आज मुझे चोद दो. अब मैं और नहीं रह सकती”…

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम रोहित है और मैं दिल्ली में रहता हूँ. दोस्तों, मैं 22 साल का हूँ और बीए के अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा हूँ. मेरे घर में मम्मी – पाप और मेरा एक भाई है. अब मैं आपको मेरे साथ हुई एक घटना बताने जा रहा हूँ. आशा करता हूँ कि यह आपको पसंद आएगी.

बात पिछले साल के मई के महीने की है. दोस्तों, जैसा कि आप जानते ही हैं कि मई के महीने में कितनी गर्मी होती है और हमारे यहां बिजली की बहुत समस्या है तो शाम को हम सब अपने घर की छत पर घूमते हैं. मेरे चाचा मेरे घर से दूसरी गली में रहते हैं और चाचा के घर के सामने एक घर है जिसमें चार बहनें रहती हैं. दोस्तों, वो चारों बहनें बहुत ही खूबसूरत हैं. कोई भी उन्हें देख ले तो उनका दीवाना हो जाए.

उसके घर की छत मेरे घर से साफ़ – साफ दिखती है और उनमें से जो सबसे बड़ी बहन है उससे मेरी दोस्ती है. दोस्तों, हमारे बीच सिर्फ दोस्ती ही है. उसका नाम अनुजा है और वो लगभग 28 साल की है. लेकिन दोस्तों, अभी तक उसकी शादी नहीं हुई. जब भी मैं चाचा के घर जाता हूँ तो उसके साथ बात जरूर करता हूँ.

एक दिन बिजली गयी हुई थी इसलिए मैं जाकर चाचा के घर पर बैठ गया. हम सब बाहर बैठे हुए थे और अनुजा भी गर्मी की वजह से बाहर बैठी हुई थी तो हम सब आपस मे बातें करने लगे. इसी बीच बातों ही बातों में उसने मुझे बताया कि उसके घर पर कोई नहीं है. ये बात सुन कर मैं बहुत खुश हुआ और मन ही मन उसको चोदने के सपने देखने लगा लेकिन तभी बिजली आ गयी और हमारे तरफ के सब लोग अंदर चले गए और फिर वो भी अंदर चली गयी.

अब मैं सोचने लगा कि लाइट ने मेरा सारा काम ख़राब कर दिया पर मुझे क्या पता था कि लाइट की ही वजह से मेरा काम बनने वाला है. फिर मैं उठ कर अपने घर आने लगा. तभी उसने मुझे पीछे से आवाज लगा कर कहा – प्लीज मेरी हेल्प करोगे? मुझसे पानी की बाल्टी नहीं उठ रही है. प्लीज, उठा कर कर बाल्टी बाथरूम में रख दो न, मुझे नहाना है.

ये बात सुन कर मैं थोड़ा हैरान सा रह गया पर फिर मैंने कुछ नहीं कहा और जा कर उसकी बाल्टी बाथरूम में रख दी. उसका बाथरूम बहुत बड़ा था, मेरा तो मन कर रहा था कि बस अभी उसको पकड़ कर चोद दूं. दोस्तों, जब सामने इतनी खूबसूरत लड़की खड़ी हो तो मैं खुद को कैसे रोक सकता हूँ. खैर, किसी तरह मैंने खुद पर कंट्रोल किया और वापस घर आने लगा.

तभी उसने कहा, “तुम यहीं रहो न, घर में कोई है नहीं इसलिए अकेले मैं बोर हो जाऊंगी.” फिर जब मैंने अपनी सहमति दे दी तो उसने कहा, “मैं नहा कर तुरन्त आती हूँ, तब तक तुम यहां थोड़ी देर बैठो”. इतना बोल कर वह नहाने चली गई.

फिर थोड़ी देर बाद उसने मुझे आवाज लगा कर कहा कि मैं अपनी ड्रेस बाहर भूल गयी हूँ, प्लीज़ दे दो. तो मैंने उसे उसकी दे दी और फिर थोड़ी देर बाद उसने मुझे बुलाया कर कहा, “तुम मेरी कमर मसल दो न, मेरा हाथ वहां नहीं पहुंच रहा है”.

ये सुन कर मेरा लंड फिर से टाइट हो गया और मैं अंदर ही अंदर बहुत खुश हुआ. फिर मैंने कहा, “ठीक है, कर दूंगा.” अब वो बोली कि बाथरूम का दरवाजा खुला है अंदर आ जाओ. जब मैं अंदर गया तो मेरे सामने एक अद्भुत नजारा था. वो दूसरे तरफ मुंह करके नंगी बैठी हुई थी और उसके चूतड़ की लकीर मुझे साफ़ दिख रही थी. यह देख कर मैं पागल हो रहा था.

तभी उसने कहा, “साबुन लो और मेरी कमर पर लगा दो”. तो मैंने साबुन उठा कऱ उसकी कमर पर लगाना शुरू किया. मैं साबुन लगा रहा था तो उसने कहा कि अच्छी तरह गले से लेकर नीचे तक लगाओ. मैं भी साबुन लगाने के बहाने उसके चूतड़ों पर हाथ फेर देता था.

अब मुझसे रुका नहीं जा रहा था. मैंने अपने आप को रोकने की भरसक कोशिश की पर मैं सफल नहीं हो सका और मैंने उसका एक बोबे को दबा दिया. ये देख कर वो खड़ी हो गयी तो मैं घबरा गया और माफ़ी मांगने लगा लेकिन उसने कहा, “बस, अब कुछ मत कहो, तुम्हें नहीं पता कि मैं कितनी प्यासी हूँ. अब बस मेरी प्यास बुझा दो, बस आज मुझे चोद दो. अब मैं और नहीं रह सकती.”

मुझे तो बस उसका इशारा मिलने की देर थी, मैं शुरू हो गया. अब मैंने उसके होंठों को चूमना शुरू कर दिया तो वो भी मस्त होकर मेरा साथ देने लगी थी. नंगी तो वो पहले से ही थी. अब मैं एक हाथ से उसके बूब्स दबाने लगा था. फिर करीब पांच मिनट तक हम एक – दूसरे को चूमते रहे.

फिर मैंने उसे अपनी बाहों में उठाया और बेडरूम तक ले गया. वहां बेड पर लेटाकर मैं उसकी चूत चाटने लगा. दोस्तों, उसकी चूत एक दम साफ़ थी और उस पर एक भी बाल नहीं थे. अब वो पागल हुई जा रही थी और मेरे सर को अपनी चूत में दबा रही थी.

फिर वो खड़ी हुई और उसने मेरी टीशर्ट निकल दी और मेरे निप्पल्स को चूमने लगी. एक तरफ वो मेरे निप्पल्स चूस रही थी और दूसरी तरफ मेरे लंड को पजामे के ऊपर से ही सहला रही थी. फिर उसने अपना हाथ मेरे पजामे के अंदर घुसा दिया और मेरे लन्ड को सहलाने लगी. अब कभी वो मेरी छाती को चूम रही थी तो कभी मेरे होंठ को.

फिर उसने मेरा पजामा नीचे किया और मेरे लंड को बाहर निकाल कर सहलाने लगी. फिर उसने मुझसे कहा, “तुम अपनी झांटें साफ़ नहीं करते हो क्या? इतने बाल हैं तुम्हारे लंड पर.”

तो मैंने हंसते हुए कहा अब अगली बार से साफ रखूँगा. तो वो हंस कर मेरा लंड चूसने लगी. अब तो मैं स्वर्ग में था और वो लंड को हिला – हिला कर चूस रही थी. मेरा लंड उसके थूक से बिलकुल गीला हो चुका था और वो उसे जोर – जोर से हिला रही थी. जिससे मेरे लंड से वीर्य की पिचकारी निकली जो सीधे उसके चेहरे पर जा गिरी.

फिर उसने मेरे पजामे और कच्छे को उतरा और फिर से लंड को चूसने लगी. जिससे थोड़ी देर में ही मेरा लन्ड फिर से खड़ा हो गया. अब वो बोली – बस, अब और नहीं रहा जाता. अब बुझा दो मेरी प्यास, मेरे राजा, अब डाल दो मेरी चूत में अपना लन्ड.

बस फिर क्या था! मैंने भी देर नहीं की. अब वो बेड पर लेट गयी और उसने अपनी टाँगे खोल ली. अब मैं उसकी दोनों टांगों के बीच आ गया और लंड को उसकी चूत के मुहाने पर रख दिया और अंदर घुसाने लगा पर मेरा लंड अंदर नहीं जा रहा था. तो वो बोली, “तेल लगा लो जानू.” फिर मैंने वहीं सीसे के पास रखी हुई सरसो के तेल की सीसी उठा कर उसकी चूत पर और अपने लंड पर लगाया और चूत के छेद पर लंड रख कर झटका मारा.

अब मेरे लंड का टोपा उसकी चूत में चला गया तो दर्द की वजह से वो चिल्लाने लगी. तो मैंने जल्दी से उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और फिर एक झटका मारा. जिससे मेरा लंड पूरा अंदर घुस गया. तभी मैंने देखा कि उसकी आखों में आंसू थे और उसकी चूत से खून निकल रहा है. मतलब साफ था उसकी सील टूट चुकी थी जिससे उसे दर्द हो रहा था.

फिर थोड़ी देर तक मैं उस पर ऐसे ही पडा रहा. जब उसका दर्द कुछ कम हुआ तो फिर मैंने अपनी गति बधाई और अब वो भी मेरा साथ देने लगी. उसको भी अब मज़ा आ रहा था और मैं भी झटके पर झटके मारे जा रहा था.

अब वो आह आह करके आहें भर रही थी. फिर मैं खड़ा हुआ और उसकी दोनों टांगों को अपने कंधों पर रखा और अपने लंड को उसकी चूत में पेल दिया. अब हम दोनों चुदाई के परम आनन्द पर थे. पूरा कमरा हमारी चुदाई की आवाजों से गूंज रहा था. तभी उसने कहा, “मैं झड़ने वाली हूँ…”

लेकिन मेरा अभी नहीं हुआ था तो मैं झटके पर झटके मारे जा रहा था. अब वो झड़ चुकी थी पर मैं लगा हुआ था. अब मैं भी झड़ने वाला था तो उसने कहा कि मेरे अंदर ही छोड़ दो, आज मैं पूरा आनन्द लेना चाहती हूँ. फिर कुछ झटकों के बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया.

फिर हम दोनों एक साथ नहाए. उसके बाद उसने कहा, “तुमने मुझे आज खुश कर दिया. थैंक्यू, लव यू.” फिर मैंने भी उसके होंठों पर किस किया और फिर अपने कपड़े पहन कर वहां से चला आया और फिर बाद में मैंने उसे आई-पिल की गोली लाकर दी.

तो दोस्तों, यह थी मेरी कहानी. आपको कैसी लगी? मुझे मेल करके जरूर बताना. मेरो ईमेल आईडी – [email protected]

विदेशी दोस्त ने मेरी गांड़ मारी

मुझे काफी दर्द हुआ और उस दर्द की वजह से मैं चिल्ला उठा. फिर धीरे – धीरे वो अपना लंड आगे – पीछे करके मुझे चोदने लगा. कुछ देर के बाद मुझे भी मज़ा आने लगा. इस दौरान हमने अलग – अलग पोजीशन में सेक्स किया. फिर उसने भी मेरा लंड फिर चांटा और उसके बाद मैंने भी उसकी गांड़ मारी. हमने रात भर कई राउंड में चुदाई की… Continue reading “विदेशी दोस्त ने मेरी गांड़ मारी”

बहन की मजबूरी ने मुझे उसकी चूत दिलाई

अब वो मोबाइल लेने की वजह से मान गयी और बोली कि एक बार जल्दी से करके अलग हो. मैं मान गया. फिर मैंने उसके होंठ चूसने चाहे पर उसने मना कर दिया. उसने उस टाइम टॉप और स्कर्ट पहना हुआ था. अब मैं उसके टॉप के ऊपर से ही उसके बूब्स दबाने और सहलाने लगा. बहुत मज़ा आ रहा था… Continue reading “बहन की मजबूरी ने मुझे उसकी चूत दिलाई”

लोकल बस में मिली आंटी दोस्त के रूम पर चुदी

अब मैंने उनके मम्मे को ज़ोर – ज़ोर से दबाना शुरू कर दिया. क्योंकि बस में हमें देखने वाला कोई नहीं था. ड्राइवर, कंडक्टर के अलावा सवारी भी बहुत कम थी. अब आंटी ने धीरे से अपना हाथ मेरे लन्ड पर रख दिया. गजब की फीलिंग थी यार! मुझे नहीं पता था कि बस में मेरा ये सफर इतना सेक्सी बन जाएगा… Continue reading “लोकल बस में मिली आंटी दोस्त के रूम पर चुदी”

सलाह के बदले मैडम ने चुदवाया

कुछ समय तक यही सिलसिला चलता रहा और फिर मैंने मैडम को वहीं सोफे पर पटक दिया और धीरे से मैडम को उल्टा कर दिया ताकि कुछ तोते को भी मजा दे सकूँ. अब मैडम भी मेरा पूरा साथ दे रहीं थी और जैसे – जैसे मैं चाहता था वो वैसे – वैसे रेस्पॉन्स कर रही थी… Continue reading “सलाह के बदले मैडम ने चुदवाया”

सहेली की चुदाई देख वो मुझसे चुदवा बैठी

जब मैंने उनके चूमा – चाटी की आवाज सुनी तो मेरी नींद खुल गई तो मुझे रूम में हल्का सा उजाला दिखा. तभी मैंने देखा कि राहुल शीतल को आराम से चोद रहा है. यह देख कर मेरे भी अरमान जागने लगे तो मैंने जोश में आकर मीना के बोबे दबाना शुरू कर दिया. जिससे वो भी गरम हो गई और मेरा साथ देने लगी… Continue reading “सहेली की चुदाई देख वो मुझसे चुदवा बैठी”

मेरी कमजोरी और शिलाजीत

अब मैंने उसकी नंगी टाँगे खोल दीं. अब उसकी कोरी और गोरी चूत मेरे सामने थी. अब मैं उसकी चूत पर हाथ फेरने लगा. क्या बताऊँ मित्रों, आज फिर से मेरा काम वहीं खत्म हो गया. आज भी मेरा पानी मेरी चड्डी में ही निकल गया था. उसकी नंगी चूत मेरे सामने थी फिर भी अब मैं तो बस वहीं बैठा रह गया… Continue reading “मेरी कमजोरी और शिलाजीत”