मामा की लड़की और मेरा प्रेम प्रसंग

मैं भूल गया था की वो मेरी मामा की लड़की है|  बस याद था तो ख़ुशी के होठ|  अभी भी मैं वो स्पर्श महसूस कर सकता हूँ|  मैं धीरे- धीरे गर्म होने लगा था|  दीदी अब किस मेरे होठों के बहुत करीब कर रही थी|  जो मुझे और उत्तेजित कर रहा था.

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मेरी उन्मुक्त पड़ोसन भाभी

दोस्तों एकांत या एकाकी जीवन अपने अन्दर कल्पनाओं का समुद्र लिए हुए होता है.  ऐसे में जब मनचाहा साथ मिलता है तो हम अपने भीतर छुपे उस समुद्र को साझा करना चाहते हैं. मेरी पड़ोस वाली भाभी के प्रति आकर्षण की पहली वजह तो शायद यही थी. और दूसरी वजह  थी, जवानी की भूख जो किसी भी तरह बस शान्त होना चाहती है….

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सच्चे प्यार की तलाश

दोस्ती और प्यार के बीच बड़ा बारीक सा फासला होता है. वो फासला तो हम तय कर चुके थे. दोस्ती में कोई डीमांड नहीं होती. एक दुसरे के गिले शिकवे स्थायी नहीं होते. लेकिन प्यार स्थायित्व मांगता है. एक दूसरे के भावनाओं की गहरी समझ मांगता है. मेरे पहले प्यार की छोटी सी दास्तान….

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मैं बन गया कुत्ता!

मैं बन गया कुत्ता…देखो बन गया कुत्ता ….बांध इशक का पट्टा…..देखो बन गया कुत्ता…. ये गाना तो आपने जरूर सुना होगा. लेकिन ये गाना मेरी असल जिन्दगी में भी चरितार्थ हो रहा था. मेरी गर्लफ्रेंड  की ये फैंटसी पूरा करना मुझे सच में काफी आनन्द दायक लगा. बिलकुल अलग तरह का सेक्स एन्जॉय किया था मैंने…..

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पहले प्यार का पहला मजा

किशोरावस्था का प्रेम जब शारीरिक सुख की मांग करने लगे तो एक जबरदस्त चुदाई की पटकथा लिखी जाती है. मेरे और प्रिया के सम्बन्ध में तो भाग्य ने स्वयं ये पटकथा लिख रखी थी. हाँ! शुरुवात तो आपको कहीं न कहीं से करनी पड़ती है. मेरे और मेरी पड़ोसन प्रिया के कौमार्य भंग की गर्मागर्म कहानी…..

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एक अजनबी हसीना से यूँ मुलाकात हो गई

सोशल मीडिया भी क्या जादुई चीज है. जान पहचान वाले हों या अजनबी सब को एक जितना ही करीब रखता है. लेकिन मेरी ये कहानी एक अजनबी से कुछ ज्यादा ही करीब आने की है. इतने करीब कि हमारे बीच कोई पर्दा न रहा और हमारे कामातुर जिस्म एक दूसरे में समाते रहे……

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प्रीती की पैन्टी और मैं

जवानी की दहलीज पे पहुँचने के बाद मेरी खुशकिस्मती खुद मेरे घर आयी. शुरुवाती तकरार के बाद जल्द ही हमारे जिस्म एक दूसरे से टकराने लगे या यूँ कहें समाने  लगे. हम दोनों के रिश्तों की गर्माहट हमारा बिस्तर भी महसूस कर रहा था……एक प्यारी सी चुदाई कहानी……

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मेरा यार बना, बुआ का प्यार

बुआ के 23 वर्षों की प्यास अब जाके शांत हो रही थी. चूत में उंगली की जगह अब लंड ने ले ली थी. लंड का हर धक्का उनको जन्नत का सुखद एहसास करा रहा था. उनकी सिसकारियाँ इस बात का संकेत थीं की वो अब तक क्या मिस करती आयी हैं…..

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होटल में अंजली की चुदाई

गोवा के  होटल का एक कमरा मेरी और अंजली की सेक्सी सीत्कारों से गर्म हो रहा था. ये वो मस्ती है, वो प्यास है जो हर जवान जोड़ा जरूर शांत करना चाहता है. फिर यहाँ तो वोडका का नशा और अंजली के मखमली बदन का नशा एक कॉकटेल बनाये हुए थे…….

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रीमा की मस्त चुदाई

बिन्दास लड़की रीमा का खुलापन ही आदित्य को सबसे ज्यादा आकर्षित करता था. ऐसे में दोनों को सिर्फ एक मौके की तलाश थी. और वो मौका भी उन्हें जल्दी ही मिल गया. वो भी रीमा के घर पे. फिर तो दो जवान जिस्मों से उठती तरंगें एक दूसरे में समाने को बेताब हो उठीं…

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